रियल एस्टेटः एनसीआर में लाखों फ्लैट तैयार, ढूंढे नहीं मिल रहे खरीददार
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आने वाले दिनों में दिल्ली एनसीआर में लोग प्रॉपर्टी खरीदेंगे, इस पर भी अभी संशय बना हुआ है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में स्थिति काफी बेहतर है। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में सबसे बुरा हाल ग्रेटर नोएडा का है।
इसके बाद गुड़गांव का नंबर आता है, जहां पर अनसोल्ड इन्वेंटरी सबसे ज्यादा पड़ी हुई है। गुड़गांव के बाद नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद का नंबर आता है।
इस वजह से है सबसे ज्यादा हालत खराब
नोटबंदी, रेरा और जीएसटी के चलते दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश में प्रॉपर्टी मार्केट पर सबसे ज्यादा इफेक्ट पड़ा था। इसके बाद बिल्डरों द्वारा प्रोजेक्ट को पूरा करने में हो रही देरी और पजेशन न मिलना भी एक बड़ी वजह बना है।
इसके साथ ही बड़े बिल्डर जैसे कि जेपी, आम्रपाली, सुपरटेक आदि पर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। अभी भी कई नामचीन डेवलपर्स के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं। इसके बाद नोटबंदी, रेरा कानून का लागू होना दूसरी सबसे बड़ी वजह बन कर उभरा है।
हालांकि रेरा के तहत नए प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पहले से टाइमलाइन बनी हुई है। तीसरी वजह जीएसटी है, जिससे कीमतों में थोड़ा सा उछाल आया है।
डेवलपर्स कर रहे हैं अपनी तरफ से कोशिश
हालांकि डेवलपर्स अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि बायर्स उनके प्रोजेक्ट में निवेश करें। डेवलपर्स को आशा है कि इस साल फेस्टिव सीजन में उनको अच्छा बेनेफिट मिलेगा। अच्छे ऑफर्स के बावजूद खरीददार मार्केट में दिख ही नहीं रहे हैं। जिससे फिलहाल मार्केट में मंदी छाई हुई है।
रेरा से पड़ा अच्छा असर
गौड़संस के चेयरमैन मनोज गौड़ ने कहा कि रेरा के आने से मार्केट में अच्छा प्रभाव देखने को मिल रहा है। इससे निवेशकों के मन में अच्छा माहौल देखने को मिल रहा है। फिलहाल उनके पास काफी संख्या में बायर्स पूछताछ के लिए आ रहे हैं और मकान खरीदने के इच्छुक हैं।