{"_id":"5e72ab7b8ebc3e77a9470744","slug":"preparing-to-suffer-economic-blow-from-corona-rbi-may-reduce-repo-rate-by-1-75-precent-in-fy-2021","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के असर को थामने के लिए आरबीआई ले सकता है बड़ा फैसला, घटा सकता है रेपो दर","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
कोरोना के असर को थामने के लिए आरबीआई ले सकता है बड़ा फैसला, घटा सकता है रेपो दर
Thu, 19 Mar 2020 04:46 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 19 Mar 2020 04:46 AM IST
सार
- कोरोना के आर्थिक असर को थामने के लिए केंद्रीय बैंक ले सकता है फैसला
- 3.40 फीसदी हो सकती है अगले वित्त वर्ष में रेपो दर
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिच सॉल्युशंस ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी से लगने वाले आर्थिक झटके को सहने के लिए रिजर्व बैंक (आरबीआई) 1 अप्रैल, 2020 से शुरू हो रहे वित्त वर्ष के दौरान प्रमुख ब्याज दरों में 175 आधार अंकों यानी 1.75 फीसदी तक कटौती कर सकता है। यह आंकड़ा उसके पिछले 40 आधार अंक के अनुमान से खासा ज्यादा है।
विज्ञापन
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 4.9 फीसदी, जबकि 2020-21 में 5.4 फीसदी तक रह सकती है। फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान आरबीआई की प्रमुख नीतिगत दरों में 1.75 प्रतिशत तक की कटौती हो सकती है, जबकि पहले यह अनुमान 0.40 प्रतिशत था। इससे नीतिगत रेपो दरें 3.40 फीसदी और 3 फीसदी हो जाएंगी, जो वर्तमान में 5.15 फीसदी और 4.75 फीसदी हैं।
विज्ञापन
फिच सॉल्यूशंस के मुताबिक, तेल की कीमतें गिरने से आने वाले महीनों में महंगाई से बहुत हद तक निजात मिल सकती है, साथ ही फरवरी महीने से रबी फसल की पैदावार आने से खाद्य आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे खाद्य महंगाई को कम करने में मदद मिलेगी। मार्च में कच्चा तेल 50 डॉलर से घटकर 30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
विज्ञापन