GST: ‘जीएसटी के कारण राजस्व को हो रहा नुकसान’, पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन बिबेक देबरॉय की टिप्पणी
देबरॉय ने कहा, आदर्श जीएसटी वह है जिसमें एक ही दर हो और इसका उद्देश्य राजस्व तटस्थ होना था। जीएसटी पहली बार लागू किया गया था, तो औसत दर कम से कम 17% होनी चाहिए थी। लेकिन मौजूदा दर 11.4% है। ऐसे में जीएसटी से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन बिबेक देबरॉय का कहना है कि सरकार को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसे एक दर के साथ राजस्व तटस्थ होना चाहिए। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, हालांकि, जीएसटी से चीजें काफी आसान भी हुई हैं।
देबरॉय ने कहा, आदर्श जीएसटी वह है जिसमें एक ही दर हो और इसका उद्देश्य राजस्व तटस्थ होना था। जीएसटी पहली बार लागू किया गया था, तो औसत दर कम से कम 17% होनी चाहिए थी। लेकिन मौजूदा दर 11.4% है। ऐसे में जीएसटी से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ-साथ जीएसटी परिषद के सदस्य भी चाहते हैं कि 28% कर की दर कम हो। लेकिन कोई भी नहीं चाहता कि शून्य और 3% कर की दरें बढ़ें। ऐसे में हमारे पास कभी भी सरलीकृत जीएसटी नहीं होगा।
छह राज्यों में एक सितंबर से, बिल अपलोड करने पर एक करोड़ तक इनाम
मोबाइल एप पर जीएसटी बिल अपलोड कर एक करोड़ रुपये तक का पुरस्कार जीतने की योजना मेरा बिल मेरा अधिकार एप एक सितंबर से शुरू होगी। यह एप आईओएस और एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इसे पहले गुजरात, हरियाणा, असम, पुदुचेरी, दमन एवं दीव और दादरा नागर हवेली में शुरू किया जाएगा। केंद्रीय सीमा शुल्क एवं प्रत्यक्ष बोर्ड (सीबीआईसी) ने बताया, इसके तहत 10 हजार से एक करोड़ रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा। इससे ग्राहकों को खरीद पर जीएसटी बिल लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। कम से कम खरीदी 200 रुपये होनी चाहिए। एक व्यक्ति महीने में अधिकतम 25 बिल अपलोड कर सकता है। बिल में विक्रेता का जीएसटीआईएन सहित अन्य जानकारी होनी चाहिए।