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80 रुपये के पार पहुंच सकता है पेट्रोल का दाम, 5 रुपये तक और होगी बढ़ोतरी
Tue, 16 Jun 2020 05:03 AM IST
योगेश साहू
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 16 Jun 2020 05:03 AM IST
सार
- कंपनियां 8 रुपये प्रति लीटर का अंतर पाटने तक पेट्रोल-डीजल के बढ़ाएंगी दाम
- 1.19 रुपये प्रति लीटर मुनाफा पहुंचाने की तैयारी में हैं कंपनियां
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पेट्रोल-डीजल
- फोटो : pixabay
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विस्तार
इस महीने की शुरुआत से ही पेट्रोल-डीजल में हो रही बढ़ोतरी की मार झेल रहे उपभोक्ताओं को अभी दो सप्ताह तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि प्रति लीटर 8 रुपये का खरीद-बिक्री अंतर पाटने तक दोनों पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाने का सिलसिला चलता रहेगा। इस तरह जून के आखिर तक दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों में पेट्रोल 80 रुपये लीटर के पार जा सकता है।
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सरकारी तेल कंपनियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पेट्रोल और डीजल में अभी 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी और की जा सकती है। लिहाजा अगले दो सप्ताह तक दाम बढ़ाने का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि, अभी रोजाना 50-60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा रही है, जो आगे घटकर 30-40 पैसे प्रति लीटर पर आ जाएगी। कंपनियों की तैयारी 1 जुलाई, 2020 तक प्रति लीटर मुनाफा 1.19 रुपये पहुंचाने का है।
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इसके लिए कीमतों में 7-8 फीसदी तक और बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। इससे पहले 83 दिन तक तेल कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने के बाद कंपनियों ने पिछले नौ दिनों से लगातार बढ़ोतरी की है। अब तक पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के 5.23 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। सोमवार को बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 76.26 रुपये और डीजल 74.62 रुपये लीटर पहुंच गया है।
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अगले महीने से गिरावट संभव
तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल एक बार फिर 40 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है और उत्पादों की कीमतों में भी गिरावट आई है। अगर यह सिलसिला अगले महीने तक जारी रहता है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम जुलाई से फिर घट सकते हैं। हालांकि, तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक ने क्रूड के भाव बढ़ाने के लिए उत्पादन में कटौती की अवधि जुलाई तक बढ़ा दी है।
1.28 रुपये लीटर पहुंच गया था घाटा
कंपनियों का कहना है कि पिछले दिनों उत्पाद शुल्क और रिफाइनरी ट्रांसफर मूल्य (आरटीपी) में बढ़ोतरी की वजह से 6 जून को प्रति लीटर बिक्री पर 1.28 रुपये का घाटा हो रहा था। हालांकि, लगातार बढ़ोतरी के बाद अब प्रति लीटर 0.20 रुपये के मुनाफे में आ गए हैं।
इस आंकड़े को 1 जुलाई, 2020 तक बढ़ाकर 1.19 रुपये प्रति लीटर तक ले जाना है। अगर तेल के दाम में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनियों का नेट मार्जिन 6.09 रुपये प्रति लीटर पहुंच जाएगा, लेकिन आगे कोई बढ़ोतरी नहीं होने पर यह 5.18 रुपये लीटर रहेगा। हालांकि, डीजल के दाम में हो रही बढ़ोतरी का असर खाद्य कीमतों की महंगाई पर भी पड़ेगा, जो पहले से ही मई में उछाल पर है।