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चुनाव बाद लग सकता है महंगे पेट्रोल-डीजल का झटका, ईरान से अभी बड़ा आयात
Thu, 25 Apr 2019 04:18 AM IST
गौरव द्विवेदी
शिशिर चौरसिया, अमर उजाला, नई दिल्ली
शिशिर चौरसिया, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 25 Apr 2019 04:18 AM IST
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पेट्रोल-डीजल (फाइल फोटो)
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चुनाव नतीजों के बाद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ना तय है। अमेरिकी फैसले के बाद ईरान से तेल आयात पर प्रतिबंध के चलते यह असर दिखेगा। भारत अभी ईरान से खाद्य सामग्री और औषधि के बदले अधिकतर कच्चे तेल का आयात करता है, लेकिन 2 मई के बाद उसे अन्य विकल्पों के तौर पर नकद भुगतान करना पड़ सकता है।
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ट्रेड प्रोमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) के विश्लेषक आशुतोष झा का कहना है कि अभी तो भारत साल में करीब 80 अरब डॉलर का कच्चा तेल ईरान से बगैर नकदी चुकाये लेता है। इसके बदले खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति की जाती है। अमेरिका ने ‘फूड फॉर ऑयल’ नीति के तहत ही ईरान को तेल बेचने की इजाजत दी थी। इस मैकेनिज्म के खत्म होने के बाद भारत को अन्य तेल उत्पादक देशों से आपूर्ति को समझौता करना होगा और भुगतान का विकल्प भी बदल सकता है।
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इंडियन ऑयल के पूर्व अधिकारी ने बताया कि अभी आयात होने वाले मध्यम और खराब क्रूड की रिफाइनिंग के लिए प्रमुख रिफाइनरियां तय हैं। नए आयात पर तेल की किस्म के आधार पर रिफाइनरी तय करनी पड़ेगी, जिसकी लागत कम या ज्यादा हो सकती है।
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कई पहलुओं का होगा असर
आशुतोष झा ने बताया कि किस देश से कितना तेल आयात बढ़ाया जाएगा, इस पर फैसला होना बाकी है। नए आपूर्तिकर्ता का चुनाव करने से पहले कई पहलुओं को देखना होगा, जिसमें आर्थिक और राजनयिक दोनों शामिल हैं। लिहाजा इसमें कुछ वक्त भी लग सकता है। हालांकि, फैसला कुछ भी हो लेकिन ईरान के मुकाबले अन्य देशों से आने वाला कच्चा तेल हमें महंगा ही पड़ेगा।