निवेश के मंत्र 14: रिटायरमेंट के लिए NPS में निवेश की सलाह, जानें कैसे खुलता है खाता?
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रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश की सलाह दी जाती है। वित्तीय जानकार मानते हैं कि एनपीएस सरकारी योजना है इसलिए इसमें पैसा डूबने की संभावनाएं काफी कम रहती हैं। आइए जानते हैं एनपीएम में निवेश से क्या फायदा मिलेगा...
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रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश की सलाह दी जाती है। वित्तीय जानकार मानते हैं कि एनपीएस सरकारी योजना है इसलिए इसमें पैसा डूबने की संभावनाएं काफी कम रहती हैं। आइए जानते हैं एनपीएम में निवेश से क्या फायदा मिलेगा...
एनपीएस योजना क्या है?
केंद्र सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से एनपीएस योजना का शुरू किया गया था। इस योजना के माध्यम से लोगों को निवेश के प्रति जागरुक किया जाता है ताकि रिटायरमेंट के बाद एक अच्छी रकम के साथ लोगों अपना गुजर बसर कर सकें।
रिटायरमेंट के बाद एनपीएस खाताधारक अपनी जमा राशि का कुछ हिस्सा निकाल सकता है और बची राशि खाताधारक को हर महीने पेंशन के तौर मिलती रहेगी। पहले एनपीएस योजना सरकार कर्मचारियों के लिए होती थी लेकिन पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलेपमेंट अथॉरिटी ने इस योजना को सभी नागरिकों के लिए खोल दिया था।
अगर रिटायरमेंट के बाद सामान्य तौर पर हर महीने पेंशन लेना की इच्छा रखते हैं तो आपको एनपीएम में जरूर निवेश करना चाहिए। एनपीएस में निवेश करने से आपको आयकर कानून के 80सी के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
एनपीएस में निवेश क्यों करना चाहिए?
इस तरह से व्यवस्थित ढंग से निवेश करने से रिटायरमेंट के बाद काफी फायदा मिलेगा। अगर आप टैक्स बचाने के साथ साथ निवेश भी करना चाहते हैं तो एनपीएस आपके लिए सबसे बढिया योजना है।
एनपीएस में निवेश के फायदे?
एनपीएस एक तरह की निवेश का स्वैच्छिक तरीका है, इसमें निवेशक किसी समय अपना योगदान देना शुरू कर सकता है। खाताधारक एनपीएस के तहत निवेश की गई राशि को समय समय पर बदल भी सकते हैं।
खाता खोलना आसान
एनपीएस में खाता खोलना और उसका प्रबंध करना बेहद ही आसान है। एक खाताधारक ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से खाता खुलवा सकता है। इसके अलावा आप ऑनलाइन ही खाताधारक की जानकारी, योगदान की राशि से संबंधित किसी भी तरह का बदलाव आसानी से कर सकते हैं।
टैक्स की छूट का लाभ
एनपीएस खाताधारक निवेश के जरिए डेढ़ लाख रुपये तक की टैक्स छूट ले सकता है। ये छूट आयकर कानून की धाराएं 80सीसीडी(1) और 80सीसीडी(2) के तहत मिलती हैं। यही नहीं इसके अलावा निवेशक एक वित्त वर्ष में 80सीसीडी(1बी) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त राशि तक की छूट भी ले सकता है।
बदलावों में लचीलापन
कोई भी खाताधारक अपने किए गए निवेश में बदलाव कर सकता है। खाताधारक एक्टिव और ऑटो च्वाइस में से कोई भी सुविधा चुन सकता है। इसके अलावा खाताधारक अपने फंड मैनेजर को चुन सकता है।
पोर्टबिलिटी की सुविधा
नेशनल पेंशन योजना का सबसे बेहतरीन गुण पोर्टबिलिटी का है। निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वालों के लिए एनपीएस नौकरी और जगह बदलने पर परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर को बदलने की भी सुविधा देता है।
पीएफआरडीए के तहत नियंत्रण
एनपीएस को पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलेपमेंट अथॉरिटी नियंत्रित करता है इसलिए ये निवेश सुरक्षित है। इस योजना के तहत निवेश पारदर्शी होता है और फंड मैनेजर हर समय फंड की समीक्षा करता है।
एनपीएस खाता कैसे खोलें?
ऑफलाइन प्रक्रिया
ऑफलाइन तरीके से निवेश करने के लिए पहले आपको एक पीओपी यानि कि प्वाइंट ऑफ प्रीजेंस को ढूंढना होगा, ये कोई बैंक भी हो सकता है। पहले अपने नजदीकी बैंक से खाता खोलने का फॉर्म लेकर आएं फिर केवाईसी पेपर के साथ उसे जमा कर आएं।
जैसा ही आप पहला निवेश करेंगे जो पांच सौ रुपये, 250 रुपये मासिक या एक हजार रुपये सालाना हो सकता है, तो बैंक आपको एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर देगा। एक सील लिफाफे में आपको आपका अकाउंट नंबर और पासवर्ड मिलेगा। इसके लिए 125 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस लगेगी जो सिर्फ एक बार देनी होगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया
ऑनलाइन तरीके से एनपीएस खाता खोलना बहुत आसाना है। खाताधारक enps.nsdl.com वेबसाइट पर जाएं। PAN कार्ड या बैंक वेरिफिकेशन के माध्यम से खाता खुल जाएगा। जरूरी जानकारी और एक शुरुआती रकम जमा करने के बाद आपको आपका परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर जारी हो जाएगा।