खुदरा के बाद बढ़ गई थोक महंगाई दर, 5 फीसदी के हुई पार, लोन लेना हो सकता है महंगा
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खुदरा महंगाई दर के बाद अब थोक महंगाई दर में भी इजाफा हो गया है। यह चार साल के अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। केंद्र सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक यह पिछले साल के मुकाबले दोगुने स्तर पर पहुंच गई है। जून में यह दर बढ़कर के 5.77 फीसदी के पार चली गई है। वहीं मई में यह 4.43 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो कि अप्रैल में 3.18 फीसदी थी। पिछले साल मई में यह दर 2.26 फीसदी थी।
Wholesale inflation is at 5.77% for the month of June as compared to 4.43% for the month of May. pic.twitter.com/ykutN2o6Ya
— ANI (@ANI) July 16, 2018विज्ञापन
खुदरा महंगाई दर में भी हुआ था इजाफा
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जून महीने में खुदरा महंगाई दर 5 फीसदी हो गई। मई महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.87 फीसदी थी, जो पिछले चार महीनों में सबसे अधिक थी।अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 4.58 फीसदी थी।
लगातार बढ़ रही है महंगाई दर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और फिर गिरावट के बाद भी महंगाई दर में उछाल देखने को मिला। हालांकि इनकी कीमतों में केवल चार दिन गिरावट रही। 26 जून से पेट्रोल-डीजल के दाम गिरना शुरू हुए थे, उससे पहले इनमें लगातार तेजी का दौर बना हुआ था।
बढ़ सकती है आपकी ईएमआई
थोक और खुदरा महंगाई दर बढ़ने के बाद अब रिजर्व बैंक भी अपनी अगली मौद्रिक समीक्षा नीति में रेपो रेट की दरों में इजाफा करने का ऐलान कर सकता है। इससे आपके लोन की ईएमआई भी बढ़ सकती है। इसका आरबीआई ने महंगाई के 4.8 से 4.9 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई को खुदरा महंगाई दर को चार फीसदी के आसपास रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है, लेकिन पिछले चार महीनों के दौरान महंगाई दर इस लक्ष्य से अधिक रही है। खुदरा महंगाई दर के ताजा आंकड़े आने से पहले ब्लूमबर्ग के इकोनॉमिस्ट पोल में इसके 4.9 फीसदी के करीब रहने का अनुमान लगाया गया था।