बजट 2020: जीवन बीमा के दायरे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाए सरकार - एबीएसएल इंश्योरेंस
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आगामी बजट में केंद्र सरकार को जीवन बीमा के दायरे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने के लिए घोषणा करनी चाहिए। अमर उजाला से बातचीत करते हुए आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के सीईओ व एमडी कमलेश राव ने कहा कि इसके साथ ही सरकार को लंबे समय के लिए लोगों के बीच बचत करने और पूंजी बढ़ाने पर अपना फोकस करना चाहिए।
सोशल सिक्युरिटी के आभाव में बढ़े जीवन बीमा
राव ने कहा कि देश में अभी भी करोड़ों ऐसे नागरिक हैं, जिनके पास किसी तरह की कोई सोशल सिक्युरिटी नहीं है। ऐसे में जीवन बीमा से उनको जो सुरक्षा मिलती है, वो काफी होती है। लेकिन लोग अभी भी जीवन बीमा पॉलिसी लेने से कतराते हैं। ऐसे लोगों को जीवन बीमा पॉलिसी लेने के लिए सरकार इस बार के बजट में अलग से 50 हजार रुपये तक के डिडक्शन की घोषणा करे। इसके साथ ही 50 हजार रुपये की सीमा अलग से उन लोगों के लिए रखे, जो प्योर प्रोटेक्शन टर्म प्लान खरीदते हैं।
महिलाओं को दें बढ़ावा
राव ने कहा कि सरकार महिलाओं को भी जीवन बीमा उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे वो अपनी जमा पूंजी का इस्तेमाल अपने परिवार के लिए सही ढंग से कर सकेंगी। ऐसी महिलाओं को अलग से आयकर में छूट देने का प्रावधान भी किया जाना चाहिए।
आयकर के इस सेक्शन में मिले छूट
सरकार को आयकर के सेक्शन 10(10)(D) में छूट का प्रावधान भी बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही बजट में कंपनियों द्वारा दिए जा रहे पेंशन प्लान और नेशनल पेंशन सिस्टम में एकरूपता लानी चाहिए। राव ने आगे कहा कि फिलहाल बीमा कंपनियों पर बहुत ज्यादा जीएसटी लगता है। इसको घटाकर के 12 फीसदी करना चाहिए और इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ भी देने की घोषणा करनी चाहिए। ऐसा करने से कंपनियों और पॉलिसी होल्डर दोनों को फायदा होगा।
अगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी बजट में इस बात की घोषणा करती हैं, तो फिर यह जीवन बीमा कंपनियों के लिए फायदे की बात होगी। वहीं इससे देश की ज्यादा से ज्यादा आबादी बहुत कम खर्च पर अपने और परिवार का जीवन सुरक्षित कर सकेंगे।