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ये प्लानिंग भी दिलाती हैं इनकम टैक्स में छूट
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Mon, 22 Apr 2013 08:34 AM IST
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टैक्स प्लानिंग में निवेश का नजरिया स्पष्ट रखना चाहिए। टैक्स प्लानिंग केवल आयकर बचाने के लिए ही नहीं होती है, बल्कि सभी तरह के निवेश पर रिटर्न भी मिलता है।
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अलग-अलग तरह के निवेश पर रिटर्न का समय और पैटर्न अलग-अलग होता है। इसलिए, टैक्स प्लानिंग करते समय अपनी उम्र और जरूरतों के हिसाब से अपने लिए बेहतर निवेश का विकल्प चुनना चाहिए।
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हेल्थ इंश्योरेंस पर लीजिए कर छूट
टैक्स बचत की जब बात चलती है, तो सबसे पहले जिक्र आता है आयकर अधिनियम की धारा धारा 80 सी का, पर आयकर कानून में इसके अलावा भी कई धाराएं हैं, जो कर बचाने में खासी मददगार साबित होती हैं। इनमें सबसे पहले जिक्र किया जा सकता है धारा 80 डी का।
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इसके तहत स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) के लिए अदा किए गए प्रीमियम पर सालाना 15 हजार रुपये तक की कर कटौती पाई जा सकती है। यही नहीं, अभिभावकों का हेल्थ इंश्योरेंस कराकर उसके प्रीमियम पर भी धारा 80 डी के तहत सालाना 15 हजार रुपये तक की कर छूट पाई जा सकती है।
अभिभावकों के वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटीजन) होने पर छूट की सीमा पांच हजार रुपये अधिक, यानी 20 हजार रुपये है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह दोनों ही छूटें प्रिवेंटिव चेकअप के लिए मिलने वाली अधिकतम 5 हजार रुपये की छूट को शामिल करते हुए हैं।
विकलांग संबंधी के इलाज खर्च पर छूट
धारा 80 डीडी के तहत 40 फीसदी या उससे अधिक शारीरिक अक्षमता वाले जीवन साथी, अभिभावक, बच्चों व भाई-बहन के इलाज या बीमे पर सालाना 50 हजार रुपये तक की कर छूट हासिल की जा सकती है। संबंधियों की विकलांगता 80 फीसदी या उससे अधिक होने पर छूट की सीमा एक लाख रुपये तक है।
गंभीर बीमारी के इलाज खर्च पर छूट
धारा 80 डीडीबी के तहत कुछ चुनिंदा गंभीर बीमारियों या शारीरिक परेशानियों (स्पेसीफाइड क्रिटिकल एलिमेंट्स) के इलाज के लिए वास्तव में खर्च की गई रकम (एक्चुअल अमाउंट पेड) पर 40 हजार रुपये तक की कर छूट का दावा किया जा सकता है।
सीनियर सिटीजन के मामले में यह सीमा 60 हजार रुपये तक है। यह छूट खुद के अलावा अपने आश्रितों के इलाज खर्च पर भी हासिल की जा सकती है।
एजुकेशन लोन के ब्याज पर छूट
धारा 80 ई के तहत देश-विदेश में उच्च शिक्षा के लिए किसी वित्तीय संस्थान या स्वीकृत चैरिटेबल संस्थान से लिए गए एजुकेशन लोन के ब्याज की अदायगी पर कर छूट पाई जा सकती है। यह छूट लोन का पुनर्भुगतान शुरू करने के आठ साल तक हासिल की जा सकती है।
दान देकर भी बचाएं टैक्स
धारा 80 जी के तहत नेशनल डिफेंस फंड, प्रधानमंत्री राहत कोष व धारा में वर्णित कुछ और राहत कोषों में धन देने पर दी गई राशि पर शत-प्रतिशत कर छूट हासिल की जा सकती है। इसके अलावा धारा 80 जी में वर्णित कुछ अन्य कोषों में दान देने पर भी 50 फीसदी तक करछूट प्राप्त की जा सकती है।
मकान के किराये पर कर छूट
धारा 80 जीजी के तहत एचआरए न पाने वाले करदाता मकान के किराये के भुगतान पर आयकर में छूट हासिल कर सकते हैं। इस पर तीन तरह की सीमाएं लागू होती हैं। एक तो, किराये की राशि में करदाता की कुल आय की 10 फीसदी राशि को घटाकर आने वाली राशि के बराबर करछूट ली जा सकती है अथवा दो हजार रुपये प्रति माह या कुल आय के 25 फीसदी के बराबर छूट हासिल की जा सकती है।