खुशखबरी या बुरी खबर: बढ़ेगा पीएफ में निवेश, लेकिन कम हो जाएगी सैलरी
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श्रम मंत्रालय ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिससे नौकरीपेशा लोग काफी प्रभावित होंगे। इस प्रस्ताव के अनुसार पीएफ से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
दरअसल, श्रम मंत्रालय का प्रस्ताव है कि ईपीएफ सिर्फ बेसिक सैलरी पर न काटकर उसमें हाउस रेंट अलाउंस, ट्रेवलिंग अलाउंस और अन्य हर तरह के भत्ते भी शामिल किए जाएं।
ऐसा होने पर नौकरीपेशा लोगों के हाथ में आने वाली सैलरी कम हो जाएगी। हालांकि, इससे पीएफ अकाउंट में निवेश काफी बढ़ जाएगा।
ईपीएफओ की तरफ से इस प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल चुकी है। अगले महीने मानसून सेशन के दौरान यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए संसद में पेश किया जाएगा।
बढ़ाया जाएगा ईपीएफ का दायरा
यह प्रस्ताव कर्मचारी प्रोविडेंट फंड एंड मिसलीनियस प्रोविजन एक्ट 1952 के किए जाने वाले कुछ खास बदलावों का ही एक हिस्सा है। इसमें यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि 10 वर्कर्स वाले इस्टेबलिशमेंट को भी इस स्कीम के तहत लाया जाना चाहिए।
सरकार इस संबंध में कर्मचारियों को राहत देने के लिए कुछ इंडस्ट्री सेगमेंट या कंपनियों में कर्मचारी की तरफ से किए जाने वाले अंशदान को कम करने का प्रावधान बनाने पर भी विचार कर रही है।
आपको बता दें कि पीएफ से जुड़े नियमों में जिस बदलाव की बात केंद्र सरकार अब कर रही है, इसका प्रस्ताव करीब दो साल पहले भी लाया गया था, लेकिन इंडस्ट्री चेंबर्स ने कंपनियों पर अधिक सैलरी बोझ की बात कहते हुए उस प्रस्ताव का विरोध किया था।