एक जुलाई से म्यूचुअल फंड की खरीद पर लगेगी स्टांप ड्यूटी, निवेश पर क्या पड़ेगा असर?
एक जुलाई से म्यूचुअल फंड खरीदने पर निवेशकों को उस पर स्टांप ड्यूटी भी देनी होगी। चाहे आप सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) के जरिए भी म्यूचुअल फंड में पैसा लगा रहे हो, तब भी आपको स्टांप ड्यूटी देनी होगी।
हालांकि म्यूचुअल फंड की निकासी पर निवेशकों को स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगी। यह ड्यूटी डेट और इक्विटी सभी तरह के म्यूचुअल फंड पर लगेगी। स्टांप ड्यूटी लगने का असर सबसे ज्यादा डेट फंड पर देखने को मिलेगा। आइए समझते हैं कि ड्यूटी लगने से कैसे आपके निवेश पर असर पड़ेगा...
म्यूचुअल फंड की खरीद पर 0.005 फीसदी की दर से स्टांप ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा म्यूचुअल फंड की यूनिट्स को डीमैट अकाउंट से ट्रांसफर करने पर 0.015 फीसदी की स्टांप ड्यूटी लगेगी। स्टांप ड्यूटी के लगने से 90 दिन और इससे कम अवधि वाले होल्डिंग पर ज्यादा असर पड़ेगा।
डिविडेंड रिइंवेस्टमेंट के लिए स्टाम्प ड्यूटी डिविडेंड की राशि पर टीडीएस घटाने के बाद लगेगी। डिविडेंड खरीदने पर स्टांप ड्यूटी खरीद की राशि पर लगेगी जो ट्रांसफर चार्ज से कम होगी। उदाहरण के लिए समझें कि मान लीजिए आपने एक लाख रुपये की राशि की खरीद की है और उस पर 100 रुपये ट्रांजैक्शन चार्ज लगा तो शुद्ध खरीद की लागत हो गई 1,00,100 रुपये लेकिन स्टांप ड्यूटी सिर्फ खरीद की राशि यानि कि एक लाख रुपये पर लगेगी 1,00,100 पर नहीं और 0.005 की दर से इसका खर्च पांच रुपये होगा।
स्टांप ड्यूटी म्यूचुअल फंड की खरीद पर लगेगी ना कि निकासी पर इसलिए इस राशि को एंट्री लोड की तरह भी देखा जा रहा है। बता दें कि साल 2009 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने म्यूचुअल फंड पर से एंट्री लोड का हटा दिया था।
जानकारों का कहना है कि 30 दिन और इससे कम वाली छोटी अवधि के निवेशकों पर स्टांप ड्यूटी लगने का ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि स्टांप ड्यूटी वन टाइम जार्च के तौर पर लगाई जाती है। जानकारों ने स्टांप ड्यूटी के असर को एक उदाहरण के तौर पर समझाया है...
मान लीजिए आपने एक लाख रुपये डेट फंड में डाले, जिस पर पांच फीसदी सालाना रिटर्न मिल रही है। इसका मतलब यह हुआ कि आपको एक साल के बाद उस पर 5,000 की रिटर्न मिलेगी और एक महीने के 416 रुपये। अब इस पर पांच रुपये के हिसाब से स्टांप ड्यूटी लगेगी।
अगर आप इस फंड में निवेश तीन महीने तक करेंगे तो तीन महीने के हिसाब से 1,248 रुपये हो जाएंगे। इस पर भी पांच रुपये के हिसाब से स्टांप ड्यूटी लगेगी लेकिन जितने लंबे समय के लिए आप निवेश जारी रखेंगे, उतना ही स्टांप ड्यूटी का असर कम होगा।
रिटेल निवेशक सामान्य तौर पर लिक्विड फंड में निवेश करते हैं ना कि ओवरनाइट फंड में। अगर एक महीने से ज्यादा की होल्डिंग है तो स्टांप ड्यूटी के लगने से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।