फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   rbi increases limit of nbfc to give loan to people having income of 1.25 lakh

RBI ने बढ़ाया दायरा, 1.25 लाख की आय वाले भी ले सकेंगे NBFC से कर्ज

Fri, 04 Oct 2019 08:46 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 04 Oct 2019 08:46 PM IST
विज्ञापन
rbi increases limit of nbfc  to give loan to people having income of 1.25 lakh

आरबीआई ने ग्रामीण और उप-शहरी इलाकों में सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों के लिए कर्ज देने की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दी। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेने की योग्यता का दायरा भी बढ़ा दिया। ग्रामीण इलाकों में 1.25 लाख रुपये तक सालाना आय वाले भी कर्ज ले सकेंगे। पहले यह सीमा एक लाख रुपये तक थी। शहरी और उप-शहरी इलाकों में ऐसे संस्थानों के ग्राहकों के लिए आय सीमा 1.60 लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई।

विज्ञापन


आरबीआई ने कहा कि छोटी जगहों पर नकदी की उपलब्धता के मामले में माइक्रोफाइनेंस संस्थानों की अहम भूमिका और अर्थव्यवस्था में उनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए यह फैसला लिया गया। इस बारे में जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

विज्ञापन

बैंकिंग प्रणाली मजबूत, चिंता की बात नहीं

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी बैंक) पर अनियमितताओं की वजह से प्रतिबंध लगने से लोगों के मन में चिंताएं हैं। शक्तिकांत दास ने कहा, किसी एक घटना को सभी सहकारी बैंकों के संदर्भ में नहीं देखना चाहिए। इन बैंकों के नियमन की फिर से समीक्षा की जाएगी। सरकार से इस बारे में चर्चा करेंगे। दास ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली दुरुस्त और सुरक्षित है। चिंता की कोई बात नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उद्योग को मिलेगी रफ्तारः नीति आयोग

आरबीआई के इस साल लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में कटौती से सुस्त चल रही अर्थव्यवस्था एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकती है। नीति आयोग का कहना है कि खुदरा कर्ज की मांग में तेजी आने से रियल एस्टेट और ऑटो क्षेत्र को संजीवनी मिल सकती है, तो बड़े कर्ज उठाने वाले औद्योगिक जगत की गतिविधियां भी कर्ज सस्ता होने के बाद बढ़ने की उम्मीद है। वित्त मंत्रालय ने भी आरबीआई के इस कदम को निर्णायक बताया है। 


आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार को बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। निजी उपभोग और निवेश बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रोत्साहन भरे कदम उठाए जाएंगे।

नीतिगत दरों में कटौती का लाभ आम आदमी से लेकर उद्योग जगत और अर्थव्यवस्था तक को होगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि लगातार पांचवीं कटौती से भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 8 फीसदी पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने से सरकार और आरबीआई लगातार विकास दर को बढ़ाने में लगे हैं, जिसका असर जल्द ही दिखने लगेगा। एक ओर सरकार पूरे देश में कारोबारी सुगमता बढ़ा रही है, तो आरबीआई आसान पूंजी उपलब्ध कराकर विकास की रफ्तार बढ़ाने में लगा है। जीडीपी विकास दर फिलहाल 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है, लेकिन यह जल्द ही 8 फीसदी पहुंच सकता है। 


वित्त मंत्रालय ने कहा है कि सरकार के हालिया बूस्टर डोज के बाद आरबीआई का यह कदम बाजार की गतिविधियों में इजाफा करेगा। विकास दर बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए सरकार ने पिछले दिनों कॉरपोरेट टैक्स में बड़ी कटौती की थी। अब आरबीआई के कर्ज सस्ता करने से आम आदमी के साथ उद्योग जगत को भी और लाभ होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed