फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   govt hikes pf threshold limit Nirmala Sitharaman raised limit for tax exemption on interest earned on provident fund contribution by employees to Rs 5 lakh per annum

Govt hikes PF threshold limit: खुशखबर: पीएफ में सालाना पांच लाख तक का निवेश कर मुक्त, जानिए किनको मिलेगा लाभ

Wed, 24 Mar 2021 11:37 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Wed, 24 Mar 2021 11:37 AM IST
विज्ञापन
govt hikes pf threshold limit Nirmala Sitharaman raised limit for tax exemption on interest earned on provident fund contribution by employees to Rs 5 lakh per annum
pf threshhold limit hike: पीएफ में सालाना पांच लाख तक का निवेश कर मुक्त - फोटो : pixabay

प्रोविडेंट फंड (PF) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने भविष्य निधि पर ब्याज को कर मुक्त रखने के संबंध में कर्मचारी के अधिकतम वार्षिक योगदान की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भविष्य निधि कोष (पीएफ) में कर्मचारी के सालाना पांच लाख रुपये तक के योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर कर नहीं लगेगा।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यह बढ़ी सीमा उन योगदान पर लागू होगी जहां नियोक्ता की ओर से इस कोष में योगदान नहीं हो। वित्त मंत्री ने कहा कि, 'मेरी मंशा इस सीमा को केवल ऐसे पीएफ योगदान में बढ़ाने की है जहां कोष में नियोक्ता का योगदान नहीं है।' सीतारमण के जवाब के बाद सदन ने वित्त विधेयक 2021 को पारित कर दिया। 
विज्ञापन


किनको मिलेगा फायदा?
वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य निधि पर मिलने वाले ब्याज पर लगाए गए कर प्रस्ताव से केवल एक फीसदी भविष्य निधि खाताधारकों पर ही असर पड़ेगा। अन्य खाताधारकों पर इस कर प्रस्ताव का कोई असर नहीं होगा क्योंकि उनका सालाना पीएफ योगदान ढाई लाख रुपये से कम है। इसका फायदा उन लोगों को मिलेगा जो वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (वीपीएफ) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में निवेश करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बजट में क्या हुई थी घोषणा?
हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2021 को संसद में पेश 2021-22 के बजट में घोषणा की थी कि एक अप्रैल 2021 से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में कर्मचारियों के पीएफ में सालाना ढाई लाख रुपये से अधिक के योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर कर लगाया जाएगा। इसके लिए गणना में नियोक्ता की ओर से किए जाने वाले अंशदान को शामिल नहीं किया गया था। लेकिन सीतारमण ने वित्त विधेयक 2021 में लोकसभा में हुई चर्चा का उत्तर देते हुए पीएफ में होने वाली जमा की कर मुक्त ब्याज की वार्षिक सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की। 


कब से अमल में आएगा नया प्रावधान?
मालूम हो कि वित्त विधेयक के संसद से पारित होने पर 2021-22 के लिए किए गए कर प्रावधानों को मंजूरी मिल जाती है। विधेयक को उसमें प्रस्तावित विधानों के लिए 127 संशोधनों को स्वीकार करने के बाद पारित किया गया। यह नया प्रावधान एक अप्रैल से अमल में आ जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि कोष संगठन (ईपीएफओ) में करीब छह करोड़ अंशधारक हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed