PPF खाते पर मिलती है कर्ज लेने की सुविधा, बैंक से भी कम लगता है ब्याज
- 25 फीसदी तक कर्ज मिलेगा खाताधारक को जमा की गई राशि का
- 50 फीसदी तक राशि निकाल कर सकते हैं पांच साल बाद पीपीएफ खाते से
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पब्लिक प्रोविडंट फंड (पीपीएफ) को कर बचत का सबसे उपयुक्त निवेश विकल्प माना जाता है, जो आपकी सेवानिवृत्ति योजना को वित्तीय मजबूती देता है। पीपीएफ खाते की परिपक्वता अवधि से पहले भी आप पैसे निकाल सकते हैं। इतना ही नहीं खाता खुलवाने के एक साल बाद इस पर कर्ज लेने की सुविधा भी मिलती है।
पीपीएफ खाते पर कर्ज लेने के लिए पहला सब्सक्रिप्शन एक साल पुराना होना जरूरी है। मसलन, अगर आपने खाता एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च, 2017 के बीच खुलवाया है, तो कर्ज के लिए आवेदन एक अप्रैल, 2018 के बाद कभी किया जा सकता है।
खाताधारक की ओर से दूसरे वित्त वर्ष की शुरुआत तक जमा किए गए कुल धन का 25 फीसदी तक कर्ज लिया जा सकता है। हालांकि, यह जानना बेहद जरूरी है कि पीपीएफ खाता खुलवाने के बाद पांच वित्त वर्ष तक ही कर्ज के लिए आवेदन किया जा सकता है।
यानी, अगर आपने वित्त वर्ष 2016-17 में खाता खुलवाया है और आपको कर्ज की सुविधा 2018-19 से मिलनी शुरू होती है, तो 2022-23 तक आवेदन किया जा सकता है।
चुकाना होगा दो फीसदी ब्याज
पीपीएफ खाते में से कर्ज के रूप में निकाली गई राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा, बल्कि इस पर दो फीसदी सालाना की दर से ब्याज चुकाना होगा। इस बात का ध्यान रखना होगा कि जिस महीने में आपने पीपीएफ खाते पर ब्याज लिया है, उसके 36 महीने के भीतर कर्ज की राशि का ब्याज सहित भुगतान करना होगा।
अगर आप इस अवधि के भीतर भुगतान करने से चूक जाते हैं, तो इस राशि पर छह फीसदी सालाना की दर से जुर्माना देना होगा। पहले आपको कर्ज की राशि चुकानी होगी, उसके बाद ब्याज का भुगतान करना होता है। अगर ब्याज का भुगतान नहीं किया गया, तो इसे पीपीएफ खाते से काट लिया जाएगा।
पांच साल बाद निकाल सकते हैं राशि
पीपीएफ खाता खुलवाने के पांच साल बाद आपको इस पर कर्ज लेने की सुविधा नहीं मिलेगी। हालांकि, इस अवधि के बाद खाताधारक चाहे तो कुल जमा राशि का 50 फीसदी निकाल सकता है। अगर इस अवधि तक कर्ज की कोई राशि बकाया है, तो खाताधारक द्वारा निकाली जा रही राशि में से ही काट लिया जाता है और शेष का भुगतान कर दिया जाता है। खाते से राशि निकालने के लिए यह जरूरी है कि इसमें नियमित तौर पर राशि जमा की गई हो।
15 साल बाद ले सकते हैं पूरी रकम
पीपीएफ खाता खुलवाने के 15 साल बाद इसकी परिपक्वता अवधि पूरी हो जाती है और खाताधारक चाहे तो अपनी पूरी राशि को निकाल सकता है। अगर खाते को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो फॉर्म एच के जरिये आवेदन दे सकते हैं। खाते की अवधि आगे बढ़ाने के क्रम में आप चाहें तो कुल राशि का 60 फीसदी तक निकासी कर सकते हैं। 15 साल बाद जब तक आप पूरा पैसा नहीं निकाल लेते, आपको शेष राशि पर ब्याज मिलता रहेगा। इससे पहले खाता बंद करवाने पर 1 फीसदी जुर्माना भरना होगा।