कोरोना फंडिंग के तहत क्या हर नागरिक को मोदी सरकार देगी 1.30 लाख रुपये? जानिए पूरा मामला
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कोरोना वायरस महामारी के कारण लोगों की वित्तीय हालत बेहद खराब हुई है। लाखों लोगों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। इस बीच मरीजों के लिए इलाज का खर्जा उठाना और भी मुश्किल है। ऐसे में लोगों की समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की और अब सोशल मीडिया पर तमाम तरह की खबरें चल रही हैं। इन खबरों में दावा किया जा रहा है कि सरकार 18 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को कोरोना फंडिंग करने जा रही है और इस फंडिंग के तहत उन्हें 1,30,000 रुपये दिए जाएंगे। लेकिन, सरकार ने पीआईबी के जरिए ट्वीट कर इस खबर को फर्जी बताया है। इन फर्जी खबरों से लोगों को बचेने के लिए केंद्र सरकार लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। व्हाट्सएप पर भी ऐसा मैसेज सर्कुलेट हो रहा है।
इस मैसेज को PIB ने बताया फर्जी
केंद्र सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे इस मैसेज को फर्जी बताया है। इस संदर्भ में पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट किया कि भारत सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है और ऐसी कोई योजना भी नहीं चल रही है।
Claim: A message circulating on #WhatsApp claims that the Government has ordered payment of ₹130,000 as #Covid funding to all citizens above the age of 18.#PIBFactCheck: The claim is #Fake. No such announcement has been made by the Government. pic.twitter.com/NF8dH08wLW
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) November 24, 2020
तेजी से वायरल हो रही हैं फर्जी खबरें
मालूम हो कि इससे पहले भी कई ऐसे मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। योजनाओं के नाम पर कई फेक न्यूज और फेक वीडियो या मैसेज वायरल हुए हैं, जिससे आकर्षित होकर आम लोग इसमें आवेदन करते हैं और अपनी सभी पर्सनल व बैंक डिटेल्स साझा करते हैं, जिसके बाद चुटकियों में उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है।
इस संदर्भ में पहले पीआईबी ने ट्वीट कर आगाह किया था कि, 'एक वायरल वीडियो में बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार देश की हर बेटी के बैंक अकाउंट में प्रति महीने 2,500 रुपये डालेगी। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं है। ये जानकारी पूरी तरह से फर्जी है और इसके जरिए जालसाज लोगों को अपने झांसे में फंसा रहे हैं। मोदी सरकार की ओर से ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। एक यूट्यूब वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार 'कन्या सम्मान योजना' के तहत देश की बेटियों के बैंक खाते में हर महीने 2,500 रुपये डाल रही है।