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वित्तीय सेहत का रखें ध्यान: फंड्स को सही तरह से प्रबंधित करना जरूरी, ये हैं पांच सहायक कदम

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Sat, 29 May 2021 02:56 PM IST

सार

अपनी वित्तीय सेहत का ध्यान रखना और वर्तमान व आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए फंड्स को सही तरह से प्रबंधित करना जरूरी है।
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वित्तीय सेहत का रखें ध्यान
वित्तीय सेहत का रखें ध्यान - फोटो : pixabay

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विस्तार

पिछले कुछ सप्ताह सभी के लिए मुश्किल भरे रहे हैं और कई तरह से लोगों को वित्तीय तनाव का सामना करना पड़ा है। घबराहट से लेकर अनिश्चितता के डर समेत कई तरह की भावनाओं के कारण इस समय कोई भी योजना बनाना मुश्किल है। इस समय अपनी वित्तीय सेहत का ध्यान रखना और वर्तमान व आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए फंड्स को सही तरह से प्रबंधित करना जरूरी है। होम क्रेडिट इंडिया (सीएसआर एंड कम्युनिकेशंस) की वाइस प्रेसिडेंट निधि मलिक ने फंड्स को सही तरह से प्रबंधित करने में पांच सहायक कदम बताए हैं, जो निम्नलिखित हैं।
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बजट बनाएं यानी आय और खर्च का प्रबंधन करें
अपनी आय और खर्च का स्पष्ट खाता रखें। मौजूदा समय में अचानक और बिना योजना वाले खर्च सामने आ सकते हैं, इसलिए अपने फंड का अनुमान रखना जरूरी है। अपने खर्च को समायोजित करें और केवल आवश्यक खर्च ही करें। ग्रॉसरी, दवा, भोजन, शिक्षा आदि जैसे आवश्यक खर्च को लेकर नए सिरे से बजट तैयार करें। स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण घटक है, इसलिए अपनी सेहत से कोई समझौता नहीं करें। अच्छा खाएं, पूरी नींद लें और सकारात्मक बने रहें। किसी मुश्किल वक्त में इस्तेमाल के लिए या परिवार एवं दोस्तों की मदद के लिए हमेशा कुछ पैसा बचाकर रखें।


अपने निवेश को न छुएं
अपने निवेश को न छुएं और योजना के अनुरूप निवेश करते रहें, जिससे आपका भविष्य सुरक्षित रहेगा एवं आपकी वित्तीय स्थिति सही रहेगी। अपने निवेश पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करें, जिससे रिस्क कम हो। ऐसी किसी स्कीम के झांसे में न आएं जिसमें कम समय में ज्यादा रिटर्न का वादा किया जाए।

नए लोन का बोझ लेने से पहले अपने मौजूदा लोन चुकाएं
किसी अनिश्चित समय में लिए हुए लोन कई बार एक अतिरिक्त बोझ बन जाते हैं। इसलिए यही सलाह दी जाती है कि किसी महामारी की स्थिति में बहुत जरूरी न हो, तो लोन लेने से बचें। जहां तक संभव हो दोस्तों एवं परिवार के लोगों से ही उधार लेकर काम चलाएं। अगर फंड सही तरह से प्रबंधित हो रहे हों, तो अपनी ईएमआई समय पर चुकाते रहें, जिससे किसी तरह के डिफॉल्ट या वित्तीय बोझ से बचे रहें।

सहयोग एवं वित्तीय मार्गदर्शन लें
किसी वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से बातचीत वित्तीय दबाव को कम करने और इस महामारी के दौर में बेहतर प्रबंधन में मददगार हो सकती है। अच्छा मार्गदर्शन इस बात को लेकर स्पष्टता एवं भरोसा देता है कि हम कैसे अपने फंड को बढ़ा सकते हैं और इस वित्तीय तनाव का सामना करने के लिए क्या कदम उठा सकते हैं। इससे सुरक्षित भविष्य की दिशा मिलती है।

अपने पास इमरजेंसी फंड की व्यवस्था रखें
अपनी आय और मासिक खर्च के आधार पर आप अपने परिवार की जरूरतों और खर्चों के बारे में जानते हैं। एक अलग आपात फंड बनाएं। यह फंड किसी आपात स्थिति में काम आता है। वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि इमरजेंसी फंड में तीन से छह महीने तक का खर्च चलाने जितनी राशि होनी चाहिए। यात्राओं, बाहर खाने, विलासिता की गतिविधियों आदि पर होने वाले पैसे इमरजेंसी फंड के रूप में बचाएं। स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे आवश्यक खर्चों से समझौता नहीं करें।

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