नहीं दिया कालेधन का ब्यौरा, तो लगेगी 90% पेनाल्टी
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विदेशों में काला धन रखने वालों पर लगाम कसने के लिए शुक्रवार को मोदी सरकार ने बिल पेश कर दिया है, जिसमें काफी कड़े प्रावधान किेए गए हैं। इन प्रावधानों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति विदेश में संपत्ति या धन की जानकारी सरकार को नहीं देगा तो उस पर 90 फीसदी का जुर्माना लगाया जाएगा।
आपको बता दें कि यह जुर्माना उस पर लगने वाले 30 प्रतिशत टैक्स के अतिरिक्त होगा। वहीं दूसरी ओर, जो विदेश में अपनी संपत्ति या धन होने की घोषणा करता है, उसे सिर्फ 30 प्रतिशत का जुर्माना अदा करना होगा। हालांकि, यह जुर्माना भी उस पर लगने वाले 30 फीसदी टैक्स के अतिरिक्त होगा।
सरकार इन नियमों को अप्रैल 2016 से लागू करना चाहती है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि इस अनुपालना की अवधि क्या होगी। इस बिल में ऐसे भी प्रावधान किए गए हैं, जिनसे टैक्स अथॉरिटीज की तरफ से किए जाने वाले किसी दुरुपयोग से भी बचा जा सके।
10 साल की होगी सजा
इस जुर्माने के अलावा संपत्ति की जानकारी छिपाने, घोषित न करने, गलत जानकारी देने और ऐसा करने के लिए प्रेरित करने पर भी 10 साल की सजा का प्रावधान है। नए बिल के हिसाब से अगर कोई चार्टर्ड अकाउंट इस फर्जीवाड़े में शामिल होता है तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।
रेवेन्यू सेक्रेटरी शक्तिकांत दास के अनुसार इस बिल में माफी का कोई प्रावधान नहीं है। यदि ऐसा होता तो जुर्माना नहीं लगाया जाता, जबकि यहां पर आपको 30 फीसदी टैक्स के अलावा 30 फीसदी जुर्माना भी अदा करना है। इस बिल से सरकार चाहती है कि किसी के भी साथ नरमी न बरती जाए।