फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   parliament passes bill to enhance tax free gratuity upto rupees 20 lakh

संसद ने आम आदमी को दी दोहरी खुशीः 20 लाख की ग्रैच्युटी पर नहीं लगेगा टैक्स, बढ़ गई मैटरनिटी लीव

Thu, 22 Mar 2018 03:16 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Mar 2018 03:16 PM IST
विज्ञापन
parliament passes bill to enhance tax free gratuity upto rupees 20 lakh
संसद ने गुरुवार को आम आदमी को दोहरी खुशी दे दी है। अब 20 लाख तक की ग्रैच्युटी पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं महिलाओं को मिलने वाली मैटरनिटी लीव में भी इजाफा करने का अधिकार सरकार को दे दिया गया है। 
विज्ञापन


10 लाख से बढ़कर 20 लाख हुई ग्रैच्युटी 
अब पांच साल किसी संस्थान में नौकरी करने के बाद ग्रैच्युटी 10 लाख रुपये बढ़कर मिलेगी। संसद ने सरकार के इस प्रस्ताव पर गुरुवार को अपनी मुहर लगा दी है।  इसके साथ ही महिलाओं को लगातार 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव मिलने को तय करने का आधिकार भी सरकार के पास आ गया है। 
विज्ञापन


सरकार ने किया ग्रैच्युटी एक्ट में बदलाव 
संसद से इस तरह का बिल पास हो जाने के बाद इसका फायदा प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को भी मिलेगा। इससे लोगों को डबल फायदा मिलेगा। पहला तो यह कि किसी भी जगह पर नौकरी करने वाले व्यक्ति को ज्यादा ग्रैच्युटी मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही इस पर किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। ग्रैच्युटी का पैसा कंपनी कर्मचारी की सीटीसी(कॉस्ट टू कंपनी ) से काटती है। यह पैसा कर्मचारी को तब मिलता है, जब वो पांच साल नौकरी करता है। अगर पांच साल से पहले कोई नौकरी छोड़ देता है, तो उसको इसका लाभ नहीं मिलता है।

गर्भवती महिलाओं को होगा यह फायदा

parliament passes bill to enhance tax free gratuity upto rupees 20 lakh
epfo

मातृत्व अवकाश विधेयक 2017 में किए गए संशोधन में बच्चा गोद लेने वाली माताओं का भी खयाल रखा गया है। पास विधेयक के मुताबिक अगर 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को कोई मां गोद लेती है या सरोगेसी से बच्चे को जन्म देती है तो उसे भी 12 हफ्तों का अवकाश मिल सकेगा। इसके साथ अब केंद्र सरकार मातृत्व अवकाश के लिए महीनों को अपने आप से तय कर सकेगी। 

गोद लेने वाली मां या सरोगेसी से बच्चे को जन्म देने वाली मां की छुट्टियां बच्चे के सौंपे जाने के वक्त से ही तय होंगीं।

कंपनी में बनाने होंगे शिशुगृह
यह कानून अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मानकों का भी पालन कर पाएगा, जिसमें एक मां के लिए 14 हफ्ते का मातृत्व अवकाश जरूरी बताया गया है। संशोधित कानून में यह प्रावधान भी रखा गया है कि मातृत्व अवकाश खत्म होने के बाद भी विशेष परिस्थितियों में कामकाजी माताओं को घर से काम करने की सुविधा दी जाएगी। जिन स्थानों में 50 या इससे ज्यादा महिलाएं काम करती हैं वहां शिशुगृह (बच्चों की देखभाल के लिए बनाया गया स्थान) भी अनिवार्य किए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed