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कर्ज लेने के लिए नहीं काटने होंगे बैंकों के चक्कर
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Mon, 31 Dec 2012 06:39 PM IST
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नए साल में बैंकिंग सेवाएं और आसान होने वाली है। जिस तरह आज आपको नकदी निकालने के लिए बैंक शाखा में नहीं जाना पड़ता है, वैसे नकद जमा करने के लिए मशीनों की पहुंच आप तक बढ़ जाएगी।
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कर्ज लेने के लिए आपको बैंक के चक्कर नहीं काटने होंगे बैंक आपके कर्ज के आवेदन को ऑनलाइन ही मंजूर करेंगे। यहीं नहीं, एटीएम किसी खास बैंक के नहीं रह जाएंगे। वह अब निजी कंपनियों के एटीएम होंगे। ऐसे में आपको उसके इस्तेमाल पर किसी तरह का शुल्क देने से भी छुटकारा मिल सकता है।
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ग्राहकों को मौजूदा बैंकों के अलावा निजी कंपनियों और विदेशी बैंकों का अनुभव मिलने वाला है। नए बैंकिंग बिल को मंजूर करने के बाद नए साल में रिलायंस, श्रीराम ग्रुप, महिंद्रा, इंडिया बुल्स जैसी कंपनियां आपको बैंकिंग सेवाएं दे सकती है।
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नई सीटीएस प्रणाली से देश के सुदूरतम क्षेत्रों में भी जमा किए गए चेक एक से दो दिन में क्लियर हो जाएंगे। बीमा क्षेत्र में भी कई सारी सुविधाएं आपको पहली बार मिल सकती हैं। मसलन हेल्थ इंश्योरेंस कराने के लिए कोई उम्र की अधिकतम सीमा नहीं रहेगी। यानी किसी भी उम्र में इलाज के लिए हेल्थ कवर ले सकेंगे। जीवन बीमा उत्पाद काफी सरल होंगे। सरकार नए बीमा विधेयक को पारित कराने की तैयारी में है।
ऐसा होने से बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 फीसदी से बढ़कर 74 फीसदी हो सकेगी। इससे कंपनियों को पूंजी मिलना आसान होगा, वहीं ग्राहकों के लिए बेहतर उत्पाद आएंगे। देश की अर्थव्यवस्था में कमजोरी के बावजूद, 2012 शेयर बाजार के लिए अच्छा रहा और साथ ही 2013 के लिए एक मजबूत आधार दे गया।
शेयर सूचकांकों के आधार पर 2012 में शेयर बाजार ने करीब 25 फीसदी का रिटर्न दिया। साल 2012 में सेंसेक्स 19,600 के स्तर तक गया। सरकार के सुधारवादी कदमों में साल के अंत में तेजी लाने से घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा बाजार के प्रति बहाल हुआ है।