ईमानदार करदाताओं को मिलेगी अच्छी सेवा, कर चोरी करने वालों पर होगी सख्ती - वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कर अधिकारियों से कहा कि वह ईमानदारी से कर का भुगतान करने वालों के लिए चीजें सरल बनानें में मदद करें लेकिन कर चोरी और व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटें।
वित्त मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि करदाताओं को कर भुगतान को सजा के रूप में नहीं बल्कि उनकी तरफ से देश निर्माण में दिए जाने वाले योगदान के रूप में लेना चाहिए। उन्होंने कर चोरी करने वालों को पकड़ने के लिए राजस्व विभाग की तीनों जांच इकाइयों से आपस में सूचनाओं को साझा करने को भी कहा है।
कर आधार को बढ़ाने के लिए होने चाहिए प्रयास
आयकर दिवस समारोह में यहां अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि कर आधार को मौजूदा आठ करोड़ से आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चाहते हैं कि कर आधार बढ़ना चाहिए।
यह है लक्ष्य
उन्होंने यह भी कहा कि 2019-20 के बजट में प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.35 लाख करोड़ रुपये रहने का लक्ष्य रखा गया है जो प्राप्त करने लायक है। कर विभाग ने पिछले पांच साल में कर संग्रह दोगुना किया है।
कर अधिकारियों से कही यह बात
सीतारमण ने कहा, 'जो व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं, आपको (कर अधिकारियों) उनपर नजर रखनी होगी, आपके पास आंकड़े हैं, उनका विश्लेषण कर आप वहां पहुंचे जहां गड़बडी हो रही है, और अगर आप उन लोगों के साथ सख्ती से पेश आते हैं, मैं आपके साथ हूं।'
कर चोरी नहीं करने पर मिलेगी अच्छी सेवा
उन्होंने यह भी कहा कि अगर करदाता कर चोरी नहीं कर रहे हैं, तब कर अधिकारियों की तरफ से उन्हें बेहतर सुविधाओं के साथ अच्छी सेवा मिलनी चाहिए।
अधिक कमाने वाले कर सकते हैं अधिक योगदान
अधिक कमाई करने वाले व्यक्तियों पर ऊंची दर से कर लगाने को उचित ठहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह सजा के तौर पर नहीं लिया जाता है, बल्कि इसके पीछे सोच यह है कि जो अधिक कमाते हैं, वे देश निर्माण में अधिक योगदान कर सकते हैं।