आयकर रिटर्न: छूट के बाद भी क्या 75 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए सही रहेगा ITR भरना?
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में 75 साल से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों को आयकर रिटर्न भरने से छूट का ऐलान किया है। यह घोषणा सुनने में तो अच्छी लगती है, लेकिन इससे जुड़ी शर्तों को देखें तो बेहतर यही होगा कि रिटर्न भरना जारी रखें।
दरअसल, वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा था कि हम 75 साल या उससे कम उम्र वाले बुजुर्गों पर कानूनी पचड़ों का बोझ कम करने जा रहे हैं। हम ऐसे वरिष्ठ नागरिकों जिन्हें सिर्फ पेंशन और ब्याज से आय होती है, आयकर भरने से छूट देंगे। इन नागरिकों के भुगतानकर्ता बैंक ही उनकी आय पर लगाने वाला टैक्स काट लेंगे। बाजार जानकारों का कहना है कि वित्त मंत्री के ऐलान का मतलब यह नहीं है कि पेंशन और ब्याज से कमाई करने वाले 75 पार बुजुर्गों को टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सिर्प रिटर्न भरने से छूट दी गई है और टैक्स उनका भुगतानकर्ता बैंक काटेगा। यानी उन्हें अपनी आय पर अलग से टैक्स देने की जरूरत नहीं होगी।
पांच शर्तों पर लागू होगी छूट
- वरिष्ठ नागरिक की कमाई का जरिया सिर्फ पेंशन या ब्याज होना चाहिए। अन्य कोई स्रोत होने पर अलग से टैक्स देना होगा और आईटीआर भरने से भी छूट नहीं मिलेगी।
- पेंशन खाता और एफडी एक ही बैंक में होना चाहिए, जिससे स्रोत पर कर कटौती आसानी से हो सके।
- दो या दो से ज्यादा बैंकों में एफडी कराने वाले वरिष्ठ नागरिकों को रिटर्न भरने से छूट नहीं मिलेगी। अगर किसी को डाकघर जमाओं या अन्य बजट योजनाओं से आय हो रही है, तो उसे भी रिटर्न दाखिल करना होगा।
- जो म्यूचुअल फंड, शेयर, बीमा योजनाओं, डेट विकल्पों से आय हासिल करते हैं, उन्हें आईटीआर से छूट नहीं मिलेगी।
- ज्यादा टैक्स जमा हो गया है तो रिफंड के लिए भी आईटीआर भरना होगा। सरकार का मानना है कि कोई नागरिक एक से ज्यादा खाते मैनेज कर सकता है, तो रिटर्न भी भर सकता है।
विभाग से और स्पष्टीकरण की जरूरत
कर मामले के जानकारों का कहना है कि इस मुददे पर आयकर विभाग से अभी और स्पष्टीकरण की जरूरत है। बजट घोषणाओं से तो यही लगता है कि रिटर्न से छूट हासिल करने के लिए बैंक खाता, जमा खाता और पेंशन खाता एक ही खाते में होना चाहिए। ऐसे में 75 साल उससे अधिक आय वाले बुजुर्गों के लिए यही बेहतर होगा कि वह अपना रिटर्न दाकिल करते रहें।