चिंता-मनी 4: अभी सोने में निवेश करना कैसा रहेगा?
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अब 2020 का आठवां महीना चल रहा है और शेयर बाजार कुछ खास लुभा नहीं रहा है। न बैंकों की बचत से खास रिटर्न मिलता है और न ही एफडी (सावधि जमा) की ब्याज दरें आकर्षित करती हैं। महंगाई दर भी धीरे-धीरे ऊपर जा रही है। ऐसे में पीएमसी को-ऑपरेटिव बैंक और यस बैंक में हुए घोटालों के कारण बैंकों में जमा धन को लेकर चिंता स्वभाविक है। 28 साल के अनमोल रस्तोगी, जिनकी एक साल पहले ही रचना से शादी हुई, अपनी थोड़ी सी बचत और निवेश को लेकर चिंतित हैं। अनमोन पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक निजी युनिवर्सिटी में लेक्चरर हैं और उनकी पत्नी एक प्राइमरी स्कूल में अस्थायी नौकरी कर रही हैं और साथ ही बीएड की पढ़ाई भी कर रही हैं।
सोना हमेशा से बचत और निवेश के लिए भारतीयों की पसंद रहा है और जब भी आर्थिक रूप से मुश्किल वक्त आता है, बैंकों में जमा या शेयर बाजार में निवेश की तुलना में इससे अच्छा रिटर्न मिला है। हालांकि सोने में निवेश के साथ सुरक्षा की चिंता भी जुड़ी है। सोने की शुद्धता और इसके दाम में उतार चढ़ाव भी चिंता का कारण हैं। मौजूदा आर्थिक पारिदृश्य को देखते हुए यह समझा जा सकता है कि आखिर क्यों लोग सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
सोना कैसे खरीदें
आप अपना धन सोने में कई तरह से लगा सकते हैं- आभूषण खरीदकर या बैंकों से सिक्के या बार के रूप में सोना खरीदकर, सॉवरेन गोल्ड बांड (एसजीबी) में निवेश कर, म्यूचुअल फंड की ऐसी योजनाओं में निवेश कर, जो सोने में निवेश करती हैं। इन सारे विकल्पों के सकारात्मक और नकारात्मक विकल्प दोनों हैं। सोने को आभूषण, सिक्के या बार के रूप में रखने से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंता से बेहतर एसजीबी विकल्प है, जिसे रिजर्व बैंक एक साल में तीन से चार बार जारी करता है। ये सुरक्षित होते हैं, आठ साल बाद परिपक्व होने पर ब्याज सहित रकम वापसी की गारंटी होती है। आप इसके एवज में लोन भी ले सकते हैं।
निवेश का 20 फीसदी सोने में हो
आभूषण, सिक्के या बार के रूप में सोना खरीदना सुरक्षा के कारण सबसे आखिरी विकल्प होना चाहिए। गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) और म्यूचुअल फंड सोने में निवेश और बचत के अच्छे विकल्प हैं। आदर्श रूप में आपके निवेश का 20 फीसदी सोने में हो सकता है, बाकी निवेश इक्विटी या कर्ज के रूप में हो सकता है। सोने में बहुत अधिक निवेश ठीक नहीं, क्योंकि आभूषण के रूप में सोने को आप आसानी से बेच नहीं सकते। आभूषण बेचने से जरूरी नहीं कि आपने जितना भुगतान किया था, उतना रिटर्न मिले।
किसी भी अन्य बचत या निवेश के साधन की तरह सोने में धन लगाने से पहले अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप सारे विकल्पों पर विचार कर लेना चाहिए। सुरक्षा और रिटर्न के लिहाज से एसजीबी बेहतर विकल्प है। आभूषणों और स्वर्ण बिक्री के विज्ञानों से प्रभावित न हों, क्योंकि आभूषण के रूप में सोना रखना हमेशा जोखिम भरा होता है।
| सॉवरेन गोल्ड बांड | आभूषण या बार | गोल्ड एमएफ/ईटीएफ | |
| कौन जारी करता है | सरकार की ओर से रिजर्व बैंक | कोई भी | म्यूचुअल फंड |
| कौन निवेश कर सकता है | कोई भी व्यक्ति, एचयूएफ, चेरिटेबल ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी | कोई भी | केवाईसी के साथ कोई भी |
| किस रूप में | सर्टिफिकेट या डीमैट | गहने या बार | डीमैट |
| कहां से खरीदें | बैंक, वितरक या शेयर बाजार | आभूषण विक्रेता या अन्य स्वर्ण बिक्री केंद्र | एएमसी, शेयर बाजार |
| सोने की शुद्धता | 999 गोर्ड बुलियन स्टैंडर्ड | कोई गारंटी नहीं | 999 गोर्ड बुलियन स्टैंडर्ड |
| न्यूनतम खरीद | रुपये में एक ग्राम मूल्य के बराबर | परिवर्ती | 5,000 रुपये |
| नियमित आय | बांड के मूल्य का 2.5 फीसदी सालाना | कुछ नहीं | कुछ नहीं |
| सुरक्षा | सॉवरेन गारंटी के साथ उच्च सुरक्षा | जोखिम | उच्च सुरक्षा |