चिंता-मनी 14: क्या गोल्ड लोन लेना सुरक्षित रहेगा?
आर्थिक परेशानी के कारण तरुण गोगी गोल्ड लोन लेना चाहते हैं, लेकिन वह चिंतित हैं कि यह सुरक्षित है भी या नहीं। उन्हें बैंक या किसी अच्छी एनबीएफसी से गोल्ड लोन लेना चाहिए। सोने के दाम अभी बहुत ज्यादा हैं, अतः गोल्ड लोन लेना बुद्धिमानी है।
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कोरोना महामारी के दौरान नकदी की कमी से परेशान रोहतक के तरुण गोगी जानना चाहते हैं कि क्या वह सोने के आभूषण के बदले कर्ज ले सकते हैं, और क्या यह सुरक्षित रहेगा?
बयालीस साल के तरुण गोगी एक डायग्नोस्टिक सेंटर में टेकनीशियन हैं। विगत मार्च से वह सेंटर लगभग बंद ही है। उनके नियोक्ता ने उन्हें जून तक वेतन दिया। उसके बाद से उन्हें हर महीने 15,000 रुपये दिए जा रहे हैं, जो उनके मासिक वेतन के आधे से भी कम है। उनके परिवार में पत्नी और स्कूल जाने वाले दो छोटे बच्चे हैं और वेतन घटने से सभी को अपने खर्च प्रबंधन में मुश्किलें आ रही हैं। तरुण गोगी अब अपनी पत्नी के आभूषण के बदले कुछ कर्ज लेना चाहते हैं, लेकिन वह समझ नहीं पा रहे कि यह कैसे हो पाएगा।
हर भारतीय के घर में किसी न किसी रूप में सोना मौजूद रहता है, जो विपत्ति के समय काम आता है। हाल के दिनों में सोने के दाम बहुत बढ़ गए हैं। चूंकि देश की बड़ी आबादी पैसे की कमी से जूझ रही है, ऐेसे में, गोल्ड लोन की मांग बढ़ गई है। इस गाढ़े समय में सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वालों की मदद करने के लिए रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन रेगुलेशन को उदार किया है। यानी सोने के आभूषण को जमानत के तौर पर रखकर अब उनकी कीमत के 90 फीसदी तक का कर्ज लिया जा सकेगा, जबकि पहले 75 प्रतिशत तक का ही कर्ज लिया जा सकता था।
गोल्ड लोन कैसे काम करता है
गोल्ड लोन कर्ज लेने का सुरक्षित तरीका है, क्योंकि आपको जमानत के रूप में रखे गए स्वर्णाभूषणों के बदले में कर्ज मिलता है। बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) तथा साहूकार-सभी गोल्ड लोन देते हैं। लेकिन सुरक्षित तरीका यही है कि गोल्ड लोन बैंकों या बेहतर छवि वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से लिया जाए। कर्जदाता सोने को जमानत के तौर पर रखकर तीन या छह महीने से दो साल तक के लिए कर्ज देते हैं।
कर्जदाता इस अवधि का ब्याज लेते हैं और तय समयावधि में कर्ज लौटा देने पर स्वर्णाभूषण लौटा देते हैं। सोने के आभूषण का मूल्य अगर एक लाख रुपये हो, तो इसके बदले में 90,000 रुपये का कर्ज मिलेगा। याद रखें, आपने सोने के आभूषण भले एक लाख रुपये से अधिक में खरीदें हों, पर कर्ज आभूषण के मूल्य के आधार पर नहीं, सोने की कीमत के आधार पर मिलेगा।
सोने की कीमत अभी सर्वकालीन ऊंचाई पर है, ऐसे में, उसे घर में यों ही रखने से अच्छा है कि गोल्ड लोन लेकर लाभ उठाया जाए। गोल्ड लोन लेने के लिए आपको अपना परिचय पत्र, पैन, बैंक डिटेल्स या आधार की कॉपी देनी होगी। पैन कार्ड न होने पर आपको फॉर्म 60 जमा करना होगा। कुछ कर्जदाता आय प्रमाण पत्र भी मांगते हैं, ताकि वे आंक सकें कि आप समय पर कर्ज चुका पाएंगे या नहीं। ज्यादातर कर्जदाता कर्जदार को हर महीने ब्याज चुकाने के लिए कहते हैं, कुछ कर्जदाता कर्ज देने के कुछ समय बाद ब्याज देने को कहते हैं। अमूमन मूलधन कर्ज की अवधि पूरी होने के बाद लौटाया जाता है। लेकिन स्वर्णाभूषण के बदले लिए गए कर्ज को ईएमआई के जरिये भी चुकाया जा सकता है।
तरुण को गोल्ड लोन लेते हुए सावधान रहना चाहिए और बैंक या एनबीएफसी से ही लोन लेना चाहिए। उन्हें कर्ज भी उतना ही लेना चाहिए, जितने कि उन्हें जरूरत है, भले ही आभूषणों के बदले में उन्हें ज्यादा कर्ज ही क्यों न मिल रहा हो। एक और चीज ध्यान में रखने की है। आप समय पर कर्ज चुका देते हैं, तभी आपका सोना सुरक्षित है। कर्ज चुकाने में देरी होने या कर्ज चुकाने की स्थिति में
न होने पर आप अपने आभूषण गंवा सकते हैं।
चूंकि आय के मामले में तरुण के आनेवाले दिन भी अनिश्चित ही हैं, ऐसे में, उन्हें गोल्ड लोन लेने के बाद इसकी भी योजना बनानी चाहिए कि वह तय समयावधि में कर्ज चुकाकर अपने स्वर्णाभूषण कैसे वापस ले सकते हैं। इसलिए बेहतर यही होगा कि तरुण निजी साहूकारों के पास सोना रखने के बजाय बैंक या किसी बेहतर छवि वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी से गोल्ड लोन लें, जहां कर्ज लेने के कुछ महीने बाद ब्याज चुकाने की शुरुआत होती है।