'तीस सितंबर तक टैक्सपेयर घोषित करें अघोषित आय वरना परिणाम भुगतने को रहें तैयार'
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केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर से कहा है कि काले धन के खुलासे के लिए शुरू की गई आय घोषणा योजना 2016 'आईडीएस' के तहत दी गई जानकारी की पूरी गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी। इसलिए लोग आगे आएं और अपनी अघोषित आय का खुलासा कर मन की शांति प्राप्त करें।
साथ ही उन्होंने कहा कि योजना अवधि में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी इसलिए अभी ही इस योजना का लाभ उठायें। मंगलवार को यहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी जैसे पेशेवरों से मुलाकात के दौरान जेटली ने घरेलू काले धन की घोषणा के लिए शुरू की गई नई अनुपालन खिड़की के प्रचार-प्रसार के लिए उनसे सहयोग मांगा।
बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में जेटली ने बताया कि अघोषित आय रखने वालों के लिए यह घोषणा का अंतिम अवसर है। इसका लाभ नहीं उठाने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंनें बताया कि इस अविध के तहत घोषित जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी और उसे किसी अन्य विभाग से नहीं बांटा जाएगा।
वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस बैठक के दौरान जेटली ने बताया कि इस योजना के बारे में पहले ही फ्रीक्वेंटली आस्क क्वेश्चन के दो सेट निकाले जा चुके हैं और इस बारे में एक ताजा सेट भी जारी किया जाएगा ताकि योजना के बारे में बची खुची आशंका भी मिट जाए। उनका कहना है कि इस मामले में संबंधित व्यक्ति पूरी तरह से निश्चिंत रहें, उन्हें पूरा सहयोग किया जाएगा।
'फिक्की इस योजना से पूरी तरह सहमत'
उद्योग संगठन फिक्की की पूर्व अध्यक्ष ज्योत्स्ना सूरी ने मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि फिक्की इस योजना से पूरी तरह से सहमत है। संगठन का मानना है कि इस योजना से अघोषित आमदनी को सामने लाने में मदद मिलेगी।
इस बारे में वित्त मंत्रालय भी बेहद सहयोगी रवैया अपनाये हुए है। तभी तो एफएक्यू का एक और सेट जारी करने की बात कही गई है। हालांकि उन्होंने कहा कि उद्योग जगत योजना के तहत घोषित की गई जानकारी की गोपनीयता के बारे में सशंकित हैं।
साथ ही कंपनी कानून, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क कानून और सेवा कर से जुड़े कानूनों से इम्यूनिटी का मसला है। उल्लेखनीय है कि आय घोषणा योजना 2016 के तहत सरकार ने बीते एक जून से खिड़की खोल दी है जो कि आगामी 30 दिसंबर तक खुली रहेगी।
आयकर विभाग का कहना है कि इस योजना के तहत अघोषित रकम पर दंड, जुर्माने आदि के मद में 45 फीसदी के भुगतान के बाद संबंधित व्यक्ति मन की शांति पा सकते हैं। मंगलवार की बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण, बिजली, कोयला और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सहयोगी भी उपस्थित थे। इन्होंने कहा कि इस योजना को मिशन मोड की तरह लागू किया जाएगा।