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खुशखबर: इरडा का निर्देश, स्वास्थ्य बीमा के दावे में शामिल होगा टेलीमेडिसिन का खर्च
Fri, 12 Jun 2020 02:12 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 12 Jun 2020 02:12 PM IST
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इंश्योरेंस
बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने स्वास्थ्य बीमा धारकों को राहत देते हुए दावा निपटान में टेलीमेडिसिन खर्च को भी शामिल किया है। इरडा ने बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य एवं सामान्य बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि पॉलिसी पर किए किले में टेलीमेडिसिन खर्च को भी शामिल किया जाए।
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मासिक व सालाना खर्च लिमिट भी रहेगी पूर्ववत
भारतीय चिकित्सा परिषद ने कोरोना से बचाव के लिए 25 मार्च को टेलीमेडिसिन पर जारी गाइडलाइन में कहा था कि डॉक्टर और बीमार व्यक्तियों के बचाव के लिए टेलीफोन पर परामर्श दिया जा सकता है, जिसमें बताएं चिकित्सक के निर्देशों पर दवा खरीदी जा सकेगी। इरडा ने कहा, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के क्लेम में टेलीमेडिसिन के प्रावधानों को भी बिना शर्त शामिल किया जाए। इसमें बदलाव के लिए अलग से जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। पॉलिसी में शामिल मासिक व सालाना खर्च लिमिट भी पूर्ववत रहेगी।
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समय और पैसे की बचत
एमसीआई ने अपनी गाइडलाइन में कहा था कि टेलीमेडिसिन संक्रमण से बचाव के साथ समय और पैसे की बचत भी करता है। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र में जहां किसी स्वास्थ्य समस्या पर व्यक्ति को लंबी दूरी नहीं करनी पड़ेगी। जिससे उसका खर्च भी बचेगा और समय पर चिकित्सा परामर्श भी उपलब्ध होगा।
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मानसिक अक्षमता और HIV पर बीमा नियमों का खुलासा करें कंपनियां
हाल ही में इरडा ने बीमा क्षेत्र की कंपनियों से कहा था कि मानसिक क्षमता एचआईवी एड्स जैसी बीमारियों के कवरेज से जुड़े नियमों को जनता के बीच स्पष्ट किया जाए। नियामक ने कंपनियों को निर्देश दिए कि ऐसे बीमा कवरेज के छुपे नियमों को संबंधित वेबसाइट पर दिखाया जाए।
इरडा नए सर्कुलर जारी कर कहा सभी बीमा कंपनियों जीवन सामान्य और स्वास्थ्य को 1 अक्तूबर, 2020 तक मानसिक बीमारियां या एचआईवी-एड्स जैसी बीमारियों के कवरेज को लेकर अपनी स्थिति पारदर्शी बनानी होगी बीमाधारकों को यह जानने का अधिकार है कि किसी कवरेज पर कंपनी के नियमों की पूरी जानकारी क्या है। ताकि सभी स्थितियों और तथ्यों को समझने के बाद ही ग्राहक ऐसे उत्पादों का चुनाव कर सके।