चिंता-मनी 25: कोरोना में घरेलू आय कैसे बढ़ाऊं?

नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Updated Tue, 08 Sep 2020 08:05 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : pixabay

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मनोज जैन पूर्वी दिल्ली में स्टेशनरी की एक छोटी-सी दुकान चलाते हैं। हालांकि, उनका कारोबार अब कोरोना से पहले वाले दौर जैसा हो गया है, पर वह जानना चाहते हैं कि अपनी घरेलू आय वह किस तरह बढ़ा सकते हैं। 34 साल के मनोज जैन 2006 से अपनी दुकान चला रहे हैं और पांच लोगों के परिवार में इकलौते कमाने वाले हैं। पत्नी और स्कूल जाने वाले दो बच्चों के अलावा परिवार में उनकी 75 वर्षीया माता जी हैं। दुकान भी उनकी अपनी है और मकान भी अपना है।
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हालांकि, उन्होंने कारोबार के लिए कर्ज ले रखा है और दो साल पहले एक कार खरीदी थी, जिसका कर्ज 2022 में खत्म होने वाला है। लॉकडाउन के दौरान मनोज जैन की चिंता बहुत बढ़ गई थी, क्योंकि पिता की असमय मृत्यु के बाद अपनी दुकान शुरू करने के बाद से चौदह साल की अवधि में वह इतने दिनों तक कभी घर पर नहीं रहे। उनके पिता की होजियरी की दुकान थी और मनोज ने शुरुआत में वही दुकान संभालने की कोशिश की, लेकिन उसमें विफल होने के बाद उन्होंने उसे स्टेशनरी की दुकान में बदल दिया। होजियरी का काम न कर पाने का एक कारण तो यही था कि इसमें मुनाफा लगातार कम होता जा रहा था, तिस पर यह काम उन्हें असुविधाजनक लगता था।
साधारणतया आय बढ़ाने के दो तरीके हैं- एक लागत घटाना और दूसरा आय के अन्य स्रोत विकसित करना। दूसरे लोगों की तरह मनोज ने भी अपना घरेलू खर्च कम करने के तमाम प्रयास किए होंगे। आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए वह कम से कम लागत लगाकर अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, वह अपनी दुकान में उपहार और खिलौने भी रख सकते हैं, या बिलिंग और प्रिंटिंग सर्विस की भी शुरुआत कर सकते हैं। महामारी के कारण अनेक लोग घर से काम कर रहे हैं और अनेक घरों में प्रिंटर नहीं हैं, ऐसे में, वह पैसे लेकर लोगों को प्रिंटेड कागज या दस्तावेज मुहैया करा सकते हैं।

व्यापार बढ़ाना- हर व्यापारी जानता है कि कारोबार बढ़ाने के जोखिम भी होते हैं। चूंकि मनोज जैन की दुकान आवासीय कॉलोनी में है, ऐसे में, वह बंधे-बंधाए ढर्रे से हटकर मौजूदा अवसर का लाभ उठा सकते हैं। जैसे-वह अपनी दुकान में सैनिटाइजर और मास्क का स्टॉक रख सकते हैं। वह बिजली और मोबाइल के ऑनलाइन बिल जमा करने वाले एजेंट के तौर पर काम कर सकते हैं। यह उनके मौजूदा कारोबार का ही कम या ज्यादा विस्तार है। ये काम वह अपनी दुकान से ही कर सकते हैं और इसके लिए मामूली लागत लगती है। चूंकि कोरोना के कारण लोग अनिश्चित समय तक घर से काम करेंगे, ऐसे में, यह आय के स्रोत बढ़ाने या इस बारे में सोचने का एक तरीका हो सकता है।

बचत में निवेश जिसने कभी शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स में निवेश नहीं किया, वह इसमें निवेश करने को जुआ समझता है। जबकि यह सच नहीं है। ऐसे अनेक होशियार निवेशक हैं, जिन्होंने शेयर बाजार में निवेश कर सफलता पाई है और अपनी आय में बढ़ोतरी की है। मनोज जैन इस विकल्प के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि कार लोन के अलावा उनकी और कोई वित्तीय देनदारी नहीं है। वह कार लोन एक बार में चुकाकर ब्याज की अदायगी से बच सकते हैं। चूंकि उम्र उनके पक्ष में है, ऐसे में, वह सीधे शेयर बाजार में या म्यूचुअल फंड्स के जरिए निवेश कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। अगले तीन से पांच साल में सुनियोजित निवेश से न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि इससे भविष्य में आय के लिए सिर्फ दुकान पर उनकी निर्भरता भी कम होगी।

कोरोना के कारण दूसरे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, और मनोज जैन इस मामले में भाग्यशाली हैं कि लॉकडाउन के दौर की बंदी के अलावा उनका कारोबार उतना प्रभावित नहीं हुआ। अनिश्चित भविष्य का सामना करने के लिए खतरा उठाने की जरूरत है, साथ ही, कर्ज घटाने या कर्ज से दूर रहने, जहां संभव हो, वहां खर्च घटाने और आय के स्रोत बढ़ाने के लिए बचत और निवेश में विविधता लाने की आवश्यकता है, जिससे कि आय के एकमात्र स्रोत पर निर्भरता घटाई जा सके।
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