चिंता मनी-23 : ग्रुप इंश्योरेंस को निजी पॉलिसी में बदल सकता हूं?

नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Updated Sat, 05 Sep 2020 06:21 AM IST
विज्ञापन
जीवन बीमा पॉलिसी
जीवन बीमा पॉलिसी - फोटो : pixabay

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
अनिरुद्ध गोस्वामी अपनी नौकरी बदलने वाले हैं और यह जानना चाहते हैं कि मौजूदा नौकरी छूटने के बाद भी वह अपना ग्रुप इंश्योरेंस जारी रख सकते हैं या नहीं। नोएडा में रहने वाले और एक सॉफ्टवेयर कंपनी में पिछले तीन साल से क्वालिटी ऑफिसर 47 साल के अनिरुद्ध गोस्वामी के लिए जीवन हमेशा बेहद चुनौती भरा रहा है।
विज्ञापन

महामारी फैलने के बाद इस साल के छह महीने में उनके काम का बोझ बहुत कम हो गया और उनकी कंपनी ने उन्हें उन कर्मचारियों की सूची में डाल दिया, जिन्हें इस महीने के अंत तक हटा दिया जाना है। इस तरह की चुनौतियां उनके लिए नई नहीं हैं, क्योंकि वर्ष 2008 की वैश्विक मंदी के समय भी उन्हें ऐसी ही परिस्थिति का सामना करना पड़ा था। लेकिन अनिरुद्ध तब युवा थे और उनकी जिम्मेदारियां भी कम थीं।
दो साल पहले अनिरुद्ध को पहली बार मेडिकल इमर्जेंसी का सामना करना पड़ा, जब एंग्जायटी या पैनिक अटैक के कारण उन्हें कई सप्ताह तक अस्पताल में रहना पड़ा। उस घटना ने अनिरुद्ध और उनकी पत्नी को उनके स्वास्थ्य के प्रति बेहद चिंतित कर दिया।
सौभाग्य से उनकी कंपनी ने उन्हें ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस मुहैया कराया था, जिस कारण उन पर आर्थिक बोझ पड़े बिना अस्पताल का खर्च आसानी से निपट गया। उनकी पत्नी एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ाती हैं, जबकि बेटी दसवीं में पढ़ती है और कंपनी द्वारा मुहैया कराया गया ग्रुप इंश्योरेंस ही उनका एकमात्र हेल्थ इंश्योरेंस है। ऐसे में, नौकरी छूटने के बाद ग्रुप इंश्योरेंस के बारे में उनकी चिंता समझी जा सकती है।

ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस
ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस एक ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस योजना है, जो एक ही कंपनी में काम करने वाले लोगों के समूह का इंश्योरेस कवर करती है। ज्यादातर मामलों में, इस तरह की पॉलिसी का प्रीमियम नियोक्ता भरते हैं और अनेक मामलों में इंश्योरेंस कवर का लाभ कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को मिलता है। अनेक लोगों के लिए यह एकमात्र हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होती है और जिसका लाभ हेल्थ चेक-अप और दूसरी शर्तों के बगैर मिलता है। बड़े ग्रुप का हिस्सा होने के कारण इन इंश्योरेंस पॉलिसियों के दावे का निपटारा बेहद आसानी से और बगैर किसी समस्या के हो जाता है।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी
अमूमन जब आप किसी कंपनी से इस्तीफा देते हैं, तब यह उस कंपनी पर निर्भर करता है कि वह कॉरपोरेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी आपको व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी के तौर पर स्थानांतरित करती है या नहीं। आजकल बहुत-सी कंपनियां संस्थान छोड़कर जाने वाले कर्मचारियों के हित में कॉरपोरेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को उनकी व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी में ट्रांसफर करने की सुविधा व अनुमति देती है।

ऐसे मामलों में प्रीमियम बहुत अधिक हो जाता है, क्योंकि अब यह ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी न होकर व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी हो जाती है। आप भी इस पॉलिसी के कवर में बदलाव कर इसे फैमिली फ्लोटर में तब्दील कर सकते हैं। लेकिन ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी को व्यक्तिगत पॉलिसी में बदलने की शर्त एक ही है-वह यह कि बीमा प्रदाता कंपनी को नहीं बदला जा सकेगा।

पॉलिसी की पोर्टेबिलिटी का फायदा यह है कि इसके तमाम लाभ आपको मिलते हैं। पॉलिसी में इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी का प्रावधान रहता है, लेकिन यह ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी को व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी में बदलने के एक साल बाद प्रभावी होता है। प्री-एक्जिस्टिंग डिजीजेज को बीमा कवर देने के मामले में विभिन्न बीमा कंपनियों का वेटिंग पीरियड अलग-अलग होता है।

ऐसे में, आप यह जरूर जांच लें कि ग्रुप इंश्योरेंस हेल्थ पॉलिसी को व्यक्तिगत पॉलिसी में बदलते हुए प्री-एक्जिस्टिंग डिजीजेज को बीमा कवर देने के मामले में संबंधित  बीमा कंपनी का क्या रुख है। ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी को व्यक्तिगत पॉलिसी में बदलते हुए अनिरुद्ध को ये सारी जानकारियां हासिल करनी चाहिए।

प्रीमियम भले ही ज्यादा हो, लेकिन इसका इंश्योरेंस कवर घटाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। स्वास्थ्य सेवा की बढ़ती लागत को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस न होने  का आपको भारी नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और बजट 2020 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X