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चिंता मनी-42: बुजुर्गों के लिए कैसे और कितनी उपयोगी है हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी?
Tue, 29 Sep 2020 01:53 AM IST
योगेश साहू
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 29 Sep 2020 01:53 AM IST
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बीमा पॉलिसी
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कोविड-19 ने हर उम्र के लोगों को प्रभावित किया है और चिंता में डाल दिया है। सुदर्शन के पिता 2018 में रिटायर हुए थे और उसके बाद वह कानपुर के अपने घर में रहने आ गए। सुदर्शन खुद एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और दिल्ली में रहते हैं, और उनकी पत्नी एक टेक्नोलॉजी कंपनी में एचआर विभाग में कार्यरत हैं।
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उनके माता-पिता को हालांकि स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन कोविड-19 का संक्रमण जिस तरह से फैल रहा है, उसे लेकर वह परेशान हैं। सुदर्शन की चिंता का एक बड़ा कारण यह भी है कि 65 वर्ष के करीब हो रहे उनके माता-पिता के पास कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं है। क्या वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध है?
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हेल्थ इंश्योरेंस
वित्तीय जरूरतों के पदानुक्रम में हेल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) का नंबर लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) से पहले आता है, लेकिन अधिकांश लोग इसका उलटा करते हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा का खर्च जिस तेजी से बढ़ता जा रहा है, उसे देखते हुए आज कल युवा नौकरी में लगने या रोजगार शुरू करने के तुरंत बाद कोई न कोई बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी जरूर लेते हैं। यह रुझान पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है और लोग इसे आजीवन चलाना चाहते हैं, क्योंकि हम नहीं जानते कि कब हमारी सेहत गिरने लगेगी और हमें अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस के रूप में वित्तीय मदद बहुत उपयोगी हो सकती है और इससे भविष्य की सेहत संबंधी चिंताओं से भी राहत मिल सकती है।
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बुनियादी तौर पर कोई भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीधारक को स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अस्पताल में भर्ती होने पर खर्च का भुगतान करता है। इसके लिए जरूरी है कि हार्ट अटैक, गंभीर चोट या कोई भी ऐसी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या, जिसमें कोरोना संक्रमण भी शामिल है, के कारण कम से कम एक दिन अस्पताल में भर्ती होना पड़े। विभिन्न बीमा कंपनियों की भिन्न तरह की शर्तें और नियम होते हैं, लेकिन एक चीज समान है कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का लाभ तभी लिया जा सकता है, जब आप अस्पताल में भर्ती हों। शुरुआत में आप दो से तीन लाख रुपये की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले सकते है। पॉलिसी दिए जाने से पहले संभव है कि आपकी चिकित्सा जांच हो, वैसे यह आपकी उम्र पर निर्भर करता है।
सीनियर सिटीजन पॉलिसी
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में उत्तरोत्तर सुधार होता गया है और आज अनेक विशिष्ट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, गंभीर बीमारियों से संबंधित पॉलिसी, जो कि पॉलिसीधारक को स्ट्रोक, हार्ट अटैक या किसी अन्य गंभीर बीमारी होने पर ही लागू होती है। कैंसर और मधुमेह को कवर करने वाली विशेष पॉलिसी भी उपलब्ध हैं। इसी तरह से वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष पॉलिसी हैं, जो सिर्फ 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए हैं। इसकी लागत भी अधिक होती है, क्योंकि यह बुजुर्ग व्यक्ति से जुड़े जोखिम को कवर करती हैं।
कुछ सीनियर सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को-पे की विशेष सुविधा के साथ मिलती हैं। को-पे हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में दावे का एक हिस्सा पॉलिसीधारक को अदा करना होता है। उदाहरण के लिए, 20 फीसदी को-पे पॉलिसी में पॉलिसीधारक को बिल भुगतान का 20 फीसदी खुद वहन करना होगा। यदि कोई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी न हो, तो यह एक अच्छा विकल्प है।
सुदर्शन के लिए समाधान
उन्हें व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के विकल्प को खंगालना चाहिए और माता-पिता के लिए पांच लाख रुपये तक की कोई पॉलिसी लेनी चाहिए। यह जरा महंगी होगी, पर वह वहन करने लायक विकल्प तलाश सकते हैं। यदि यह वित्तीय रूप से भारी पड़े या उनकी जरूरतों को पूरा न करे, तो वह पूरे परिवार को कवर करने वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले सकते हैं, जिसमें उनके माता-पिता के साथ सुदर्शन तथा उनकी पत्नी का एक पॉलिसी में बीमा हो सकता है।
इसे फैमिली फ्लोटर पॉलिसी कहते हैं और चूंकि यह चारों के जोखिम कवर करती है, इसलिए इसकी सीमाएं हैं। पहले माता-पिता के लिए व्यक्तिगत पॉलिसी लेने की कोशिश करें और यह संभव न हो, तभी फैमिली फ्लोटर पॉलिसी का विकल्प चुनें।