फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   investment opportunity in 2014

सुधरते हालात में 2014 देगा निवेश का मौका

Mon, 06 Jan 2014 01:37 PM IST
ए. बालासुब्रमण्यन/ सीईओ, बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी
ए. बालासुब्रमण्यन/ सीईओ, बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी Updated Mon, 06 Jan 2014 01:37 PM IST
विज्ञापन
investment opportunity in 2014

बीता साल मुश्किल आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और उनसे निपटने में गुजर गया जिससे निवेश का माहौल भी बिगड़ा रहा। अब अर्थव्यवस्था को सुधारने की कोशिशों के कुछ सकारात्मक संकेत सामने आ रहे हैं और इन्हीं की बदौलत हम आने वाले दिनों में तेज विकास दर की उम्मीद कर रहे हैं।

विज्ञापन


विकास की पृष्ठभूमि में ही 2014 में निवेश का बेहतर माहौल बनेगा। मगर ऐसा भी नहीं होगा कि सभी सेक्टर में निवेश अच्छा होगा। सोना और रीयल एस्टेट में निवेश को लेकर कुछ उलझनें बरकरार हैं लेकिन इक्विटी और म्यूचुअल फंड में निवेश अच्छा रिटर्न दे सकता है। निवेश को आर्थिक हालात से जोड़ते हुए देखा जाए तो 2014 के लिए कहा जा सकता है कि इस साल निवेशकों को बेहतर मौके मिल सकते हैं।
विज्ञापन


इक्विटी पर भरोसा
जिस तरह से औद्योगिक विकास का माहौल तैयार हो रहा है उसमें कहा जा सकता है कि इस साल इक्विटी एक ऐसा एसेट क्लास बना है, जिसमें बेहतर रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


म्यू. फंड से संभावना
उच्च महंगाई दर के बीच ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव की आशंकाओं को देखते हुए इस साल म्यूचुअल फंड के जरिए इक्विटी और फिक्स्ड इनकम एसेट में भी संतोषजनक रिटर्न की संभावना है।

सोने से बढ़ेगी दूरी

निवेशकों खासकर रिटेल निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह कि कोई भी अर्थव्यवस्था जब ग्रोथ के रास्ते पर लौटती है, तो कुछ ऐसे एसेट क्लास होते हैं, जिनका प्रदर्शन निराशाजनक रहता है। इस साल सोना भी एक ऐसा ही एसेट क्लास साबित हो सकता है, जिसमें निवेशकों को अपने हाथ जलाने पड़ सकते हैं। इस साल सोने की अंडरपरफार्मेंस को देखते हुए निवेशक इससे दूरी बनाए रख सकते हैं।

दबाव में रीयल एस्टेट
आपूर्ति अधिक और मांग कम रहने से इस साल रीयल एस्टेट पर दबाव देखा जा सकता है। आपूर्ति अधिक रहने से इस सेक्टर में निवेश के रिटर्न पर दबाव का आकलन है।

2013 में हुए नीतिगत बदलावों का सकारात्मक असर कॉरपोरेट पर निश्चित रूप से देखने को मिलेगा। साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में हालात बेहतर होने का लाभ निर्यातकों को मिलेगा। हमें पिछले कुछ सालों के चुनौतीपूर्ण दौर के बाद अब इस साल मिलने वाले सकारात्मक सरप्राइज के लिए तैयार रहना चाहिए। कॉरपोरेट की हालत सुधरने से साफ है कि यह क्षेत्र भी निवेश का सुअवसर देने वाला हो सकता है।

सरकार ने चालू खाता घाटा कम करने के साथ-साथ विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था में फिर से बहाल करने के लिए कई नीतिगत उपाय किए। सरकार ने कई क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में छूट दी। आर्थिक सुधार के मोर्च में भूमि अधिग्रहण कानून, नया कंपनी कानून जैसे कई बिल संसद से पास कराए। सरकार की इन कोशिशों से आर्थिक मोर्चों पर कई दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी और 2014 में निवेश का बेहतर माहौल बन सकेगा।

नीतियों में अमल से बनेगा निवेश का माहौल

2014 में अब वक्त है बीते साल किए गए आर्थिक सुधार की दिशा में नीतिगत उपायों को अमलीजामा पहनाने का, जिससे कि अर्थव्यवस्था को उच्च विकास दर पर लौटने में मदद मिल सके। सबसे जरूरी महंगाई को नीचे लाना है। इसके लिए सप्लाई चेन प्रबंधन खासकर खाद्य पदार्थों के लिए बेहतर बनाना अत्यंत जरूरी है। इसके लिए पूरी तरह सरकार को आगे आना होगा।


दूसरी ओर, बीते साल सरकार ने कई बड़े अटके घरेलू प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू की। इससे निश्चित तौर पर 2014 में निवेश को लेकर खासकर पावर और खनन सेक्टर में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी। इसके अलावा, रुपये की गिरावट निर्यातकों के हित में है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रिकवरी से निर्यातकों के लिए बेहतर अवसर बनेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed