1 दिन में आयकर रिटर्न प्रोसेस होने के लिए करना होगा 1.5 साल का लंबा इंतजार, यह है वजह
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केंद्र सरकार आयकार रिटर्न को दाखिल करने के बाद प्रोसेस होने की सीमा में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार ने बुधवार को घोषणा की है कि वो आयकर रिटर्न के प्रोसेस को जल्द ही 1 दिन में पूरा कर देगी। लेकिन इसके लिए अभी आपको कम से कम 1.5 साल का इंतजार करना पड़ेगा।
4241 करोड़ का आएगा खर्चा
इस प्रोजेक्ट को लागू करने में करीब 4241 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। 6.85 करोड़ भारतीयों ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए भरा था रिटर्न। 1.83 लाख करोड़ रुपये का रिफंड अभी तक आयकर विभाग दे चुका है।
करीब 4241.97 करोड़ रुपये में समन्वित ई फाइलिंग और सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर 2.0 सिस्टम को तैयार करने की जिम्मेदारी आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस को सौंपी गई है। नए आयकर रिटर्न फाइलिंग सिस्टम को लागू करने का निर्णय बुधवार को प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
पहले भी भर सकते हैं आयकर रिटर्न
आयकरदाता पहले भी अपना आयकर रिटर्न भर सकते हैं। नए सिस्टम में रिटर्न दाखिल करने के लिए प्री-फाइलिंग की व्यवस्था भी की गई है। लोगों के बैंक खाते में रिफंड का पैसा सीधे ट्रांसफर होगा। इस परियोजना को पूरी तरह से लागू करने के बाद तीन महीने टेस्टिंग भी होगी।
5 लाख की आयकर छूट सीमा देने की तैयारी में सरकार
मध्यम वर्ग की नाराजगी को कम करने और आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार बड़ी राहत देने का मन बना रही है। वित्त मंत्रालय आयकर छूट में 2.5 लाख रुपये का इजाफा कर सकता है। ऐसे में अगले वित्त वर्ष से 5 लाख तक की सालाना आय वाले लोग आयकर के दायरे से बाहर हो जाएंगे।
अंतरिम बजट में हो सकती है घोषणा
वित्त मंत्री अरुण जेटली इसकी घोषणा 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में इस बात की घोषणा कर सकते हैं। उम्मीद है कि वित्त मंत्री इस बार के बजट में आम जनता के लिए कई लोक लुभावन योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।
मिलेगा ब्याज मुक्त लोन
केंद्र सरकार इसके बाद ब्याज मुक्त लोन भी देने का एलान भी कर सकती है, जिससे किसानों पर ज्यादा आर्थिक बोझ न पड़े। किसानों को एक लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन भी मिलेगा। ब्याज मुक्त लोन देने से सरकार पर करीब 2.30 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। सरकार इसकी घोषणा यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) के तहत करेगी।