बहकावों में न आएं, ऐसे निकालें पीएफ का पैसा
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प्रोविडेंट फंड यूं तो लंबे समय के लिए किया गया निवेश होता है, लेकिन कई बार लोग इसे समय से पहले निकालना चाहते हैं, लेकिन जानकारी के आभाव के कारण उन्हें इसके लिए बहुत भटकना पड़ता है। आइए जानते हैं कैसे निकाला जाता है पीएफ का पूरा पैसा।
कुछ समय पहले जब भी कोई व्यक्ति एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाता था, तो वह पुरानी कंपनी से अपना पीएफ का पैसा निकाल लेता था। हालांकि, पैसे ट्रांसफर की सुविधा तब भी थी, लेकिन वह प्रक्रिया काफी जटिल थी। अब पीएफ ट्रांसफर के लिए मोदी सरकार ने यूएएन की शुरुआत करके काफी सहूलियत दे दी है।
यदि आपने 1 जनवरी 2014 से पहले किसी कंपनी से नौकरी छोड़ी है तो आपका यूएएन नंबर नहीं होगा, क्योंकि 1 जनवरी 2014 के बाद से ही कर्मचारियों को यूएएन नंबर दिए गए हैं। इन सभी के बावजूद अगर कंपनी बदलने पर आप अपने पीएफ के पूरे पैसे निकालना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सिर्फ कुछ बातों और इस प्रक्रिया का ध्यान रखना होगा।
भरने होंगे ये दो फॉर्म
पीएफ निकालने के लिए सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें आपको पुरानी कंपनी से इस्तीफा दिए 2 महीने पूरे हो चुके हों, इससे पहले आप पीएफ के पैसे निकालने का आवेदन नहीं कर सकते हैं।
पीएफ का पैसा निकालने के लिए दो फॉर्म भरने होते हैं। ये फॉर्म होते हैं फॉर्म-19 (डाउनलोड करें) और फॉर्म-10c (डाउनलोड करें), जिन्हें आप अपने ऑफिस के एचआर से ले सकते हैं या फिर इंटरनेट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
इन फॉर्म में बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर, नाम और पता भरना होता है। साथ ही इसमें 1 रुपए के दो रिवेन्यू स्टैम्प भी लगाने होते हैं, जो आपको किसी भी पोस्ट ऑफिस से मिल सकते हैं। इसके बाद एचआर की तरफ से आपके द्वारा भरे गए इस फॉर्म की जांच की जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की गलती से आपको अवगत कराया जा सके।
ईपीएफओ ऑफिस में करना होता है जमा
कंपनी के एचआर जब फॉर्म की जांच कर लेते हैं तो फिर इस फॉर्म को ईपीएफओ ऑफिस में जमा करना होता है। हालांकि, फॉर्म भरने के बाद का काम कंपनी की तरफ से खुद भी कर दिया जाता है, लेकिन कई बार कंपनी के अधिकारियों की तरफ से अधिक व्यस्तता के चलते आपके पीएफ फॉर्म को पीएफ ऑफिस भेजने में देर भी हो सकती है, ऐसे में यदि आप खुद पीएफ का फॉर्म ले जाकर पीएफ ऑफिस में जमा करें तो पैसे जल्दी मिल जाएंगे।
ईपीएफओ के कार्यालय में कर्मचारी के फॉर्म की जांच की जाती है। यहां पर आपके अकाउंट नंबर, हस्ताक्षर, कंपनी के अधिकारियों के हस्ताक्षर आदि की जांच होती है। ये भी चेक किया जाता है कि आपकी केवाईसी अपडेट है या नहीं। आपको बता दें कि यदि आपकी केवाई अपडेट नहीं होगी तो आप अपना पीएफ का पैसा नहीं निकाल सकते हैं।
क्या है केवाईसी
नियोक्ता की तरफ से केवाईसी उन लोगों की अपडेट होनी अनिवार्य है, जिन्हें यूएएन नंबर मिल चुका है। केवाईसी अपडेट के लिए आपको अपने नियोक्ता से संपर्क करना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि केवाईसी में आपका बैंक अकाउंट नंबर, पैन कार्ड और आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान पत्र जरूर अपडेट हो गया हो।
बैंक अकाउंट के सबूत के दौर पर आपको अपने फॉर्म के साथ एक कैंसिल्ड चेक लगाना होता है, जिसमें आपका नाम भी लिखा होना अनिवार्य है। यदि आपका चेक पुराना है तो उसमें नाम नहीं होगा। ऐसी स्थिति में आप अपना बैंक स्टेटमेंट भी बैंक अकाउंट के सबूत के तौर पर लगा सकते हैं।
अकाउंट में आता है पूरा पैसा
वैरिफिकेशन पूरी होने के बाद ईपीएफओ के अधिकारी फॉर्म को आगे की प्रक्रिया के लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट में भेज देते हैं। सारी जांच पूरी हो जाने के बाद पूरा पैसा सीधे आपके अकाउंट में भेज दिया जाता है। फॉर्म जमा हो जाने के बाद पैसे आने में कम से कम 7 दिन और अधिक से अधिक 45 दिन लग सकते हैं।