अनिश्चितता के दौर में गोल्ड बॉन्ड होल्ड करना कैसे है फायदेमंद? यहां डिटेल में पढ़ें सबकुछ
भारत सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत पूरे साल समय-समय पर सस्ता गोल्ड बेचा जाता है। भारत सरकार की इस स्कीम को रिजर्व बैंक संचालित करती है।
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सोने की बढ़ती-घटती कीमतों का असर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर होता है। वहीं, अगर आज भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमत की बात करें तो यहां गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.03 फीसदी गिरकर 46,580 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि चांदी वायदा 0.15 फीसदी गिरकर 66,884 रुपये प्रति किलोग्राम रही। पिछले सत्र में सोना 0.5 फीसदी लुढ़का था, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें तेजी आई।
इन उतार-चढ़ाव को देखते हुए मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगा चुके निवेशकों के लिए क्या सही है और क्या गलत। साथ ही सोने के दाम निकट भविष्य में कैसे रहेंगे?भारत सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत पूरे साल समय-समय पर सस्ता गोल्ड बेचा जाता है। भारत सरकार की इस स्कीम को रिजर्व बैंक संचालित करती है।
बेच सकते हैं गोल्ड बॉन्ड
बता दें कि निवेश सीमा के अधीन निवासी व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार, ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और साथ ही धर्मार्थ संस्थान अपने फंड को गोल्ड बॉन्ड में डाल सकते हैं। बॉन्ड पांच साल के बाद एग्जिट ऑप्शन के साथ आठ साल की अवधि के लिए है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बाय-बैक स्कीम की घोषणा की है। ऐसे में आप अपना पांच साल पुराना बॉन्ड रिजर्व बैंक को वापस बेच सकते हैं। यह आप उस वक्त कर सकते हैं जब बॉन्ड का ब्याज मिलता हो (जो साल में दो बार होता है), और बेचने के लिए आप उसी चैनल का इस्तेमाल करें जिसके जरिए आपने बॉन्ड खरीदा था।
नीलामी करने का विकल्प
इसके अलावा आप अपने गोल्ड बॉन्ड को कभी भी बॉन्ड मार्केट में बेच सकते हैं। इसके लिए आपके पास डीमैट ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी है। उसके जरिए ही बॉन्ड की ऑनलाइन नीलामी कर इसे बेच या खरीद सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे आप स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं। ऐसा करने पर आपको अपने गोल्ड बॉन्ड की उतनी कीमत मिलेगी, जितनी दूसरे निवेशक उस पर खर्च करना चाहते हैं।
गौरतलब है कि गोल्ड का काम निवेश पोर्टफोलियो में स्थिरता बनाए रखना है। खास तौर पर तब जब अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर में हो और शेयर बाजार या बचत योजनाएं कम रिटर्न दे रही हों। ऐसे समय सोना ज्यादा रिटर्न देकर नुकसान को कम करता है। ऐसे में देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनजर अगर आप गोल्ड बॉन्ड होल्ड करते हैं तो फायदे में रह सकते हैं। वैसे भी पोर्टफोलियो में पांच से दस होना चाहिए। यदि आपके पास इस अनुपात से कम सोना है, तो गिरते दामों का फायदा उठाएं और थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदते रहें।
आयकर में मिलेगी मदद
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत आप एक ग्राम सोने में भी निवेश कर सकते हैं। आप यहां एक साल में कम से कम एक ग्राम और ज्यादा से ज्यादा 500 ग्राम सोना खरीद सकते हैं। खास बात ये है कि गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने से आपको टैक्स छूट भी मिलती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को आप अपने बैंक, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, चुनिंदा पोस्ट ऑफिस, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज या बंबई स्टॉक एक्सचेंज से खरीद सकते हैं।
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