HDFC बैंक ने RTGS-NEFT ट्रांजेक्शन किया फ्री, चेक बुक का इस्तेमाल करना हुआ महंगा
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प्राइवेट सेक्टर में देश के दूसरे सबसे बैंक में शुमार एचडीएफसी बैंक ने नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर अपने ग्राहकों को सौगात दी है। बैंक ने कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन करना फ्री कर दिया है। बैंक अब अपने ग्राहकों से ऑनलाइन NEFT और RTGS ट्रांजेक्शन करने पर किसी तरह कोई चार्ज नहीं लेगा।
बैंक में ट्रांजेक्शन करने पर बढ़ेगा चार्ज
हालांकि बैंक ने कहा है कि वो ब्रांच में जाकर के ट्रांजेक्शन करने वालों पर पहले की तरह चार्ज लेता रहेगा। पहले बैंक 2-5 लाख रुपये का आरटीजीएस ट्रांजेक्शन करने पर 25 रुपये चार्ज लगता था। वहीं 5 लाख से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये चार्ज लिया जाता है।
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ऑनलाइन NEFT पर लगता था यह चार्ज
बैंक ऑनलाइन एनईएफटी पर 10 हजार रुपये तक 2.5 रुपये चार्ज लेता था। 10 हजार रुपये से लेकर के 1 लाख तक 5 रुपये, 1 लाख रुपये से लेकर के 2 लाख तक 15 रुपये और 2 लाख से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर 25 रुपये लगते थे।
चेक का प्रयोग करना हुआ महंगा
बैंक ने चेक के प्रयोग को कम करने के लिए इसकी फीस को बढ़ा दिया है। साथ ही अब कस्टमर को साल में केवल 25 लीफ वाली एक ही चेकबुक मिलेगी। पहले साल में इस तरह की दो चेकबुक मिलती थी। अतिरिक्त चेक बुक मंगाने पर 75 रुपये चार्ज लगेगा।
चेक बाउंस होने पर भी बढ़ा चार्ज
अब खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने पर चेक बाउंस होने पर भी चार्ज को बढ़ा दिया गया है। अब प्रत्येक ऐसे चेक पर बैंक 500 रुपये चार्ज करेगा। वहीं अगर कोई चेक डिपॉजिट होने के बाद वापस चला जाता है तो अब उस पर 100 रुपये के बजाए 200 रुपये लगेंगे। यह सभी चार्ज सेविंग और सैलरी अकाउंट पर बैंक लगाएगा, जो लंबे समय से इनएक्टिव हैं।