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निवेश के मंत्र 29: GPF से सरकारी कर्मचारियों को होगा फायदा, कभी नहीं डूबेगा पैसा

Sat, 23 May 2020 03:22 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 23 May 2020 03:22 PM IST
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GPF one of the best scheme for government employees to earn money
निवेश का बेहतरीन विकल्प है GPF - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा

आपके भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए निवेश का एक साधन जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) भी हो सकता है। यह योजना भारत सरकार द्वारा संचालित होती है। जीपीएफ के सदस्य केवल सरकारी कमर्चारी होते हैं। जीपीएफ में सरकारी कर्मचारी अपने वेतन का एक हिस्सा निवेश करते हैं, जिसका रिटर्न उन्हें रिटायरमेंट के समय मिलता है। 

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वहीं अगर कर्मचारी चाहें तो बीच में भी इस पैसे को जरूरत के समय निकाल सकता है। हाल ही में सरकार ने एक अप्रैल से 30 जून की तिमाही के लिए इसकी ब्याज दर में एकमुश्त 0.8 फीसदी की कटौती की थी। 
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इसके मुताबिक अप्रैल-जून 2020 तिमाही में ग्राहकों को 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। पहले यह 7.9 फीसदी था। यह ब्याज दर केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रेलवे, रक्षा बलों की भविष्य निधि, इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्ररीज के कर्मचारियों के भविष्य निधि पर लागू होती है। 
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यह भी पढ़ें: निवेश के मंत्र 28: स्टॉक मार्केट के तूफान में टिके रहने के पांच गोल्डन रूल्स    

कैसे करता है काम?
जीपीएफ अकाउंट में सरकारी कर्मचारी को किस्तों में एक निश्चित वक्त तक योगदान देना होता है। अकाउंट होल्डर जीपीएफ खोलते वक्त नॉमिनी भी बना सकता है। अकाउंट होल्डर को रिटायरमेंट के बाद इसमें जमा पैसों का भुगतान किया जाता है, वहीं अगर अकाउंट होल्डर को कुछ हो जाए तो नॉमिनी को भुगतान किया जाता है।

लोन की भी मिलती है सुविधा
जीपीएफ से कर्मचारियों को लोन लेने की भी सुविधा मिलती है और खास बात यह है कि लोन ब्याज मुक्त होता है। कोई कर्मचारी अपने पूरे करियर में कितनी ही बार जीपीएफ से लोन ले सकता है यानी इसकी कोई निश्चित संख्या नहीं है।

पीएफ और जीपीएफ में क्या है अंतर?
प्रोविडेंट फंड (पीएफ) अकाउंट किसी भी कर्मचारी का हो सकता है। चाहे वह सरकारी नौकरी करता हो या किसी निजी कंपनी में काम करता हो। इसे नियोक्ता द्वारा खोला जाता है और कर्मचारी व नियोक्ता दोनों की ओर से योगदान दिया जाता है। नियोक्ता के योगदान में से कुछ हिस्सा पेंशन में जाता है। 

क्या है पीपीएफ?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) खाते को कोई भी नागरिक खुद से खुलवा सकता है। इसके लिए उसका कर्मचारी होना जरूरी नहीं है। यह सेविंग्स कम टैक्स सेविंग्स खाता होता है। इसका फायदा यह है कि इसमें होने वाला डिपॉजिट टैक्स फ्री रहता है, उस पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसे पर भी टैक्स नहीं लगता है। पीपीएफ का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। इसमें सालाना 500 रुपए के न्यूनतम निवेश से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है।

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