सरकार चाहती है पीएफ पर दिया जाए 8.75 फीसदी ब्याज
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वित्त मंत्रालय चाहता है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने पीएफ खाता धारकों को चालू वित्त वर्ष (2015-16) के दौरान 8.75 फीसदी ब्याज दे।
हालांकि ईपीएफओ अपने पांच करोड़ से ज्यादा पीएफ खाताधारकों को इससे ज्यादा ब्याज देने की स्थिति में है। पिछले दो वित्त वर्षों के दौरान ईपीएफओ ने अपने खाताधारकों को 8.75 फीसदी की दर से ब्याज दिया है।
सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय में हाल ही में हुई एक बैठक में ईपीएफओ से चालू वित्त वर्ष के लिए पीएफ खातों पर 8.75 फीसदी की दर बरकरार रखने को कहा गया है। यह छोटी बचत योजनाओं और पीपीएफ पर रिटर्न की दरें घटाने के सरकार के इरादे के ही अनुरूप है।
सूत्रों का यह भी बताना है कि ईपीएफओ इस साल के अपनी आय के आकलन (इनकम प्रोजेक्शन) को पेश करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। इसके आधार पर वह पिछले दो वर्षों के मुकाबले इस वित्त वर्ष में खाताधारकों को पीएफ पर अधिक ब्याज देने की स्थिति में नजर आ रहा है।
9 दिसंबर है अहम
सूत्र ने यह भी कहा कि संसद में चल रहे शीत कालीन सत्र को देखते हुए ईपीएफओ के न्यासियों की 9 दिसंबर को होने वाली बैठक में पीएफ पर कम ब्याज देने का यह प्रस्ताव लाए जाने की संभावना कम है।
वित्त मंत्रालय की ओर से हाल के दिनों में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि बैंकों को लोन की ब्याज दरें घटाने को राजी करने के लिए वह उन्हें छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में भी कमी करने की सहूलियत देकर उनका रास्ता आसान कर सकती है।
गौरतलब है कि बीते एक वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मूल दरों में 1.25 फीसदी की कटौती किए जाने के बावजूद बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में ग्राहकों को इतनी कटौती का लाभ पूरी तरह से नहीं दिया है। इससे लोन की दरें ऊंची बनी हुई हैं।