तोहफाः अब एनपीएस में बढ़ेगा सरकार का अंशदान, पैसा निकलने पर नहीं लगेगा टैक्स
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केंद्र सरकार ने करोड़ों कर्मचारियों को तोहफा देते हुए अपने अंशदान की सीमा को बढ़ा दिया है। वहीं पैसा निकालने पर अब किसी तरह का टैक्स भी नहीं देना होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने पेंशन स्कीम में पांच बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। नए बदलावों के तहत अब केंद्र सरकार का योगदान 10 फीसदी से बढ़कर 14 फीसदी हो गया है। वहीं एनपीएस में अब रिटायरमेंट के बाद पैसा निकालने पर 60 फीसदी की छूट मिलेगी।
कर्मचारियों का योगदान 10 फीसदी
कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 प्रतिशत बना रहेगा। मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों के 10 प्रतिशत तक योगदान के लिए आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत कर प्रोत्साहन को भी मंजूरी दी।
Arun Jaitley, Finance Minister: Cabinet decided that some changes will be made under National Pension Scheme (NPS); Central Govt contribution will be raised to 14% from existing 10% in NPS. Entire 60% of withdrawals from NPS will now be tax-free. pic.twitter.com/AClY7DlMfO
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 10, 2018
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी कर्मचारियों को कुल फंड में से 60 फीसदी निकालने पर मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने कहा कि साथ ही कर्मचारियों के पास निश्चित आय उत्पादों या शेयर इक्विटी में निवेश का विकल्प होगा।
क्या है नेशनल पेंशन स्कीम
नेशनल पेंशन स्कीम या एनपीएस एक रिटायरमेंट सेविंग अकाउंट है, जिसे भारत सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लांच किया था। 2004 में इस तारीख के बाद ज्वाइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए इस योजना में निवेश करना अनिवार्य कर दिया गया था।
यही नहीं सरकार ने इस योजना को 2009 के बाद निजी सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए खोल दिया था। इस योजना के तहत निजी कंपनियों में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है इस योजना का लाभ उठा सकता है।
एनपीएस के लिए निजी बैंकों को बनाया पीओपी
सरकार एनपीएस का फायदा अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे इसके लिए देशभर में पॉइंट ऑफ प्रजेंस बनाए हैं। यही नहीं इस एकाउंट को देश के लगभग सभी सरकारी और निजी बैंकों को पीओपी बनाया है, इसलिए किसी भी बैंक की नजदीकी ब्रांच में अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इस योजना में दो तरह के अकाउंट होते हैं। टियर एक और दो और दोनों ही एकाउंट के लिए ग्राहकों को 12 अंकों का परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर दिया जाता है।
क्या है टियर एक और दो एकाउंट
टियर 1 अकाउंट
इस अकाउंट को खुलवाना अनिवार्य है। इस अकाउंट में जो भी रकम जमा की जाती है उसे रिटायरमेंट से पहले नहीं निकाला जा सकता है। यह सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।
टियर 2 अकाउंट
इस अकाउंट में कोई भी अपना पैसा जमा कर सकता है यहां, कोई भी टियर एक अकाउंट होल्डर अपनी इच्छा से इसमें पैसा जमा कर सकता है और निकाल भी सकता है। इससे पैसे निकालने का एक समय पहले से ही निर्धारित है। यह सभी के लिए अनिवार्य नहीं है।