आईपीपीबी के बारे में वो सब कुछ जो आपके लिए जानना है जरूरी, ऐसे खोल सकेंगे खाता
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कौन है मालिक
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक भारत सरकार के डाक विभाग और संचार मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसमें उसकी 100 फीसदी हिस्सेदारी है।
ऐसे काम करेगा पोस्टल पेमेंट बैंक
इस पेमेंट बैंक की पहुंच देश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को होगी, जिन्हें सभी प्रकार की वित्तीय सुविधाएं मिलेंगी। आईपीपीबी 650 शाखाओं और 3,250 एक्सेस प्वाइंट से शुरुआत करेगा। साल के अंत तक 1.55 लाख एक्सेस प्वाइंट शुरू कर दिए जाएंगे, जिनमें से 1.30 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे।
इतने लोग देंगे बैंकिंग सेवाएं
2.60 लाख डाकसेवक और 40 हजार डाकिए 17 करोड़ लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराएंगे।
ऐसे होगा भुगतान
आईपीपीबी खाते की सीमा एक लाख रुपये रखी गई है। आधार और क्यूआर कोड के जरिए भुगतान होगा। डाकिए और डाकसेवकों को स्मार्टफोन तथा एक मशीन मुहैया कराई जाएगी। इसी के जरिए वह लोगों को घर तक बैंकिंग सुविधा मुहैया कराएंगे। आईपीपीबी एक तय समय के अंदर 5,000 एटीएम भी शुरू करेगा।
मिलेंगी यह सुविधाएं
आईपीपीबी में चालू खाता, बचत खाता, धन हस्तांतरण, डीबीटी, बिल यूटिलिटी, उद्यम एवं व्यापार संबंधी भुगतान की सेवाएं मुहैया करायी जाएंगी। इसमें ग्राहकों को काउंटर सेवा, माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग एप, एसएमएस, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और आईवीआर की सेवाएं मिलेंगी।
जमा धन पर मिलेगा इतना ब्याज
25 हजार तक जमा धन पर लोगों को 5.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।
नहीं देना पड़ेगा कोई शुल्क
एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल अलर्ट के लिए खाताधारकों को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
यह हैं सीईओ
आईपीपीबी के सीईओ और एमडी सुरेश सेठी हैं। 23 अक्टूबर 2017 को इन्हें सरकार ने इस पद पर नियुक्त किया था। सेठी इससे पहले वोडाफोन एम-पैसा के एमडी थे। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के जानकार सेठी को 27 सालों का अनुभव है और वो इससे पहले सिटीग्रुप व यस बैंक में काम कर चुके हैं।