हाथ में आने वाली सैलरी हो सकती है और कम
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केंद्र सरकार की तरफ से उठाया गया एक कदम नौकरीपेशा लोगों के हाथ में आने वाली सैलरी और भी कम कर सकता है। सरकार पीएफ से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए ईपीएफ सिर्फ बेसिक सैलरी पर न काटकर उसमें हर तरह के भत्ते भी शामिल करना चाहती है।
ऐसा हो जाने पर हर व्यक्ति के पीएफ अकाउंट में निवेश बढ़ जाएगा, जबकि इसकी वजह से आपके हाथ में आने वाली सैलरी कम हो जाएगी। हालांकि, सरकार इस संबंध में कर्मचारियों को राहत देने के लिए कुछ इंडस्ट्री सेगमेंट या कंपनियों में कर्मचारी की तरफ से किए जाने वाले अंशदान को कम करने का प्रावधान बनाने पर भी विचार कर रही है।
बढ़ सकता है पीएफ का दायरा
आपको बता दें कि पीएफ से जुड़े नियमों में जिस बदलाव की बात केंद्र सरकार अब कर रही है, इसका प्रस्ताव करीब दो साल पहले भी लाया गया था, लेकिन इंडस्ट्री चेंबर्स ने कंपनियों पर अधिक सैलरी बोझ की बात कहते हुए उस प्रस्ताव का विरोध किया था।
इस प्रस्ताव के तहत ईपीएफ का दायरा भी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। ईपीएफ के दायरे में उन कंपनियों को भी लाने का प्रस्ताव है, जहां पर 20 से कम कर्मचारी काम करते हैं।