प्राइवेट नौकरी करने वाले भी उठा सकते हैं इस सरकारी योजना का लाभ, होगा मुफ्त इलाज और मिलेगी पेंशन
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मौजूदा समय में सरकार द्वारा कई योजनाएं लागू हैं। इनमें से कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध हैं। लेकिन इंश्योरेंस से जुड़ी एक सरकारी योजना ऐसी भी है जिसका लाभ प्राइवेट नौकरी करने वाले उठा सकते हैं।
किन कर्मचारियों को मिलता है लाभ?
जी हां, केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने निजी कर्मचारियों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIS) उपलब्ध करा रखी है। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है, जिनकी मासिक आय 21,000 हजार रुपये या उससे कम है। दिव्यांगजनों के मामले में यह सीमा 25,000 रुपये है। योजना के तहत निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ मिलता है।
कर्मचारियों को कैसे होता ह फायदा?
कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत आपको हेल्थ कवर और अस्पताल में मुफ्त इलाज से लेकर फैमिली पेंशन तक का लाभ मिलता है। यानी कर्मचारी और उनके आश्रित इलाज का खर्चा प्राप्त करने का हकदार होते हैं। साथ ही विशेष परिस्थितियों में आपको नकद लेने का भी अधिकार मिलता है।
- चिकित्सा लाभ- बीमित व्यक्ति और उस पर आश्रित पारिवारिक सदस्यों को चिकित्सा लाभ मिलता है।
- मातृत्व लाभ- मातृत्व छुट्टी के दौरान डिलीवरी में 26 सप्ताह तक, गर्भपात के मामले में 6 सप्ताह तक, कमीशनिंग मां या दत्तक मां को 12 सप्ताह तक औसत दैनिक वेतन का 100 फीसदी नकद भुगतान किया जाता है।
- नि:शक्तता लाभ- बीमित व्यक्ति को टेंपरेरी डिसेबिलिटी की स्थिति में चोट ठीक होने तक और परमानेंट डिसेबिलिटी की स्थिति में मासिक पेंशन का भुगतान किया जाता है।
- आश्रितजन लाभ- बीमित व्यक्ति की रोजगार के दौरान मौत होने पर आश्रितों को नियत अनुपात में मासिक पेंशन का लाभ मिलता है।
कर्मचारी व नियोक्ता का कितना होता है योगदान?
इस सरकारी योजना में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है। फिलहाल कर्मचारी की सैलरी से मजदूरी का 1.75 फीसदी योगदान ईएसआईसी में होता है और नियोक्ता की ओर से मजदूरी का 4.75 फीसदी योगदान किया जाता है।
योजना से जुड़ी अन्य जानकारी आपको नीचे दिए गए लिंक से मिल जाएगी-