जानिए PF से जुड़ा कौन सा नया नियम बना रही है सरकार
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केंद्र सरकार ऐसा कानून लाने की तैयारी में है, जिसके तहत उसे कुछ क्षेत्रों के कर्मचारियों के पीएफ में अंश दान को कम करने या फिर पूरी तरह से खत्म करने का अधिकार हासिल हो जाएगा।
इसके लिए केंद्र सरकार एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड एंड मिसलेनियस प्रोविजन (ईपीएफ एंड एमपी) एक्ट में बदलाव करने जा रही है। प्रस्ताव के तहत केंद्र सरकार उद्योग की वित्तीय स्थिति और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेगी।
आगामी बजट में हो सकता है पेश
सूत्रों के मुताबिक, श्रम मंत्रालय ने ईपीएफ एंड एमपी अधिनियम में संशोधन करने के लिए प्रस्तावित विधेयक पर विचार विमर्श पूरा कर लिया है।
संसद में इस विधेयक में पेश करने से पहले प्रस्तावित संशोधनों के साथ ही अन्य बदलाव करने पर भी विचार कर रही है। विधेयक को आगामी बजट सत्र में पेश किया जा सकता है।
श्रम मंत्रालय ने मसौदे के लिए दस जनवरी तक लोगों की राय मांगी थी, जिस पर कई नियोक्ताओं और कर्मचारी संगठनों ने अपनी राय रखी थी।
12% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव
मौजूदा समय में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पास कर्मचारियों के मूल वेतन का बारह फीसदी हिस्सा अनिवार्य रूप से ईपीएफ में जमा होता है। प्रस्ताव के मुताबिक इसे 12% से घटाकर 10% करने का है।
इसके साथ ही मसौदे में अनिवार्य पीएफ कटौती के लिए न्यूनतम कर्मचारी संख्या को 20 से घटाकर 10 करने का भी प्रस्ताव है। इस सीमा के घटने से ईपीएफओ के साथ 50 लाख कर्मचारी और जुड़ जाएंगे।