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ईसीएस से खत्म करें EMI का झंझट
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Tue, 11 Dec 2012 08:28 AM IST
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बदलती सोच और लाइफ स्टाइल के चलते आजकल लोग मकान, गाड़ी, कंप्यूटर से लेकर तमाम तरह की चीजें लोन या फाइनेंस के सहारे लेने लगे हैं। दूसरी ओर जीवन से जुड़े जोखिमों का दायरा बढ़ने के चलते अपने व परिजनों के लिए कई तरह की बीमा पॉलिसी और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां भी लेने का चलन आम हो चला है।
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इन दोनों के लिए ही निर्धारित समय पर भुगतान करते रहना पड़ता है। लोन में ईएमआई देना होता है, तो बीमे में प्रीमियम का नियमित भुगतान जरूरी है। ऐसे में जीवन की दौड़भाग के बीच अकसर इन चीजों को याद रख पाना काफी मुश्किल होता है। इस परेशानी से बचने की एक कारगर दवा है ईसीएस या इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सिस्टम।
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ईसीएस को अपना कर आप समय-समय पर किस्तें और प्रीमियम भरने के लिए चेक काटने और उसे बैंक या कंपनी के पास ले जाकर जमा करने के झंटट से मुक्त हो सकते हैं क्योंकि इसमे यह सारे भुगतान तयशुदा वक्त पर आपके खाते से स्वत: ही कर दिए जाते हैं।
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ईसीएस की सुविधा हासिल करने की प्रक्रिया भी काफी सरल व सीधी-सादी है। इसके लिए कोई शुल्क भी नहीं देना होता। केवल एक आवेदन या फार्म भर कर आपको कंपनी को देना होता है। बाकी की प्रक्रिया कंपनी बैंक से संपर्क करके स्वत: पूरी कर लेती है और निर्धारित समय पर आपके खाते से किस्तों की कटौती शुरू हो जाती है।
ईसीएस को अपनाने पर आपको ईएमआई या प्रीमियम के भुगतान का अलग रिकॉर्ड मेनटेन करने की भी जरूरत नहीं रहती क्योंकि खाते के ट्राजेक्शन संबंधी विवरणों में इनका स्पष्ट उल्लेख किया जाता है। तो टेंशन से बचने के लिए आप भी अपना लीजिए ईसीएस की सहूलियत। ध्यान रखें कि आपके खाते में हर वक्त ईसीएस की देनदारी के लिए जरूरी रकम मौजूद रहे।