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कई जगह करेंसी नोटों की फिर से होने लगी किल्लत, पीएसयू बैंकों के एटीएम फिर से रहने लगे हैं खाली

Wed, 11 Apr 2018 09:36 AM IST
शिशिर चौरसिया, अमर उजाला, नई दिल्ली
शिशिर चौरसिया, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 11 Apr 2018 09:36 AM IST
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currency notes again out of bound for public in many psu bank atm

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक बार फिर से नकदी की किल्लत होने लगी है। इन राज्यों में शहरी इलाकों में तो कुछ स्थिति ठीक भी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तो बैंक से भी पर्याप्त मात्रा में नकदी नहीं मिल पा रही है। हालांकि यह हालत एसबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ही ज्यादा देखने को मिली रही है, निजी क्षेत्र के बैंकों में दिक्कत नहीं दिखती है।


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पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक बार फिर से नकदी की किल्लत होने लगी है। इन राज्यों में शहरी इलाकों में तो कुछ स्थिति ठीक भी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तो बैंक से भी पर्याप्त मात्रा में नकदी नहीं मिल पा रही है। हालांकि यह हालत एसबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ही ज्यादा देखने को मिली रही है, निजी क्षेत्र के बैंकों में दिक्कत नहीं दिखती है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एसबीआई की एक करेंसी चेस्ट शाखा के अधिकारी का कहना है कि उनके यहां रोज नकदी निकासी को लेकर ग्राहकों और प्रबंधन के बीच जोर-आजमाइश होती है।

ग्राहक ज्यादा पैसा निकालना चाहते हैं, जबकि बैंक प्रबंधन सभी ग्राहकों की दुहाई देकर थोड़ा बहुत रकम देकर काम चला रहे हैं। उनका कहना है कि रिजर्व बैंक की तरफ से पर्याप्त नकदी नहीं मिलने की वजह से ऐसी स्थिति बनी है।

हालांकि केन्द्रीय वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस समय देशभर में स्थिति सामान्य है। यदि कहीं कोई दिक्कत होगी तो उसे ठीक किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में भी यही हालत है। वहां स्टेट बैंक की एक ग्रामीण शाखा में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि उनके यहां बीते 13 मार्च को नोटों की आपूर्ति हुई थी, उसके बाद नौ अप्रैल को नोट आए हैं। 26 दिन के बाद नोट आते हैं वह भी पांच-छह लाख। ऐसे में कैसेे काम चलेगा क्योंकि गांवों में तो अधिकतर ग्राहक नोट निकालने ही आते हैं, जमा करने कम ही आते हैं।

बिहार के मुंगेर, भागलपुर और झारखंड के गोड्डा, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ समेत कई जिलों में भी नकदी की कमी की वजह से अधिकतर एटीएम खाली होने की खबरें आ रही हैं।

निजी बैंकों में नहीं है दिक्कत

एक अग्रणी निजी बैंक के अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि नोटों की आपूर्ति कम है, तब भी उनके यहां नोटों की किल्लत नहीं है। इसकी वजह यह है कि इन बैंकों में ज्यादातर कारोबारियों के खाते हैं और वे दिनभर की बिक्री जमा करते हैं तो बैंक के पास पर्याप्त नकदी एकत्रित हो जाती है। अधिकारी का कहना है कि वह कारोबारियों की दुकान में जा कर जमा ले रहे हैं, इसलिए कारोबारी सरकारी बैंक के बजाय उनके यहां नोट जमा कराते हैं।

ब्रांच एटीएम में भी पैसे नहीं
स्थिति ऐसी हो गई है कि बैंक शाखा में लगे एटीएम से भी पैसा नहीं निकल पा रहा है। हालांकि, ये एटीएम ऑनलाइन हैं और इनमें पैसा है या नहीं, इसे क्षेत्रीय मुख्यालय में बैठ कर भी जाना जा सकता है। लेकिन शाखा प्रबंधक इसका भी जुगाड़ निकाले हुए हैं।

वे एटीएम में नोट तो भरते हैं लेकिन एटीएम का शटर गिरा देते हैं। हर दिन अंदर के दरवाजे से कुछ ग्राहकों को एटीएम से पैसे निकालने दिया जाता है, ताकि उच्च प्रबंधन को एटीएम चालू रहने का संकेत मिलता रहे।

रिजर्व बैंक को इस बारे में जानकारी नहीं
अमर उजाला ने इस बारे में रिजर्व बैंक का पक्ष जानने का भी प्रयास किया। बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है। फिर भी वह संबंधित शाखा से इसकी जानकारी जुटा रहे हैं। यदि कहीं दिक्कत है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।
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