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यह हैं 8 आईटीआर फॉर्म, 31 जुलाई तक कर सकते हैं अपना रिटर्न फाइल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Jun 2018 03:48 PM IST
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने टैक्स पेयर्स के लिए बहुप्रतिक्षित इनकम टैक्स फॉर्म 2 को जावा फॉर्मेट में भी जारी कर दिया है। इससे पहले सीबीडीटी ने पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया था। आयकर विभाग ने सभी टैक्स पेयर्स के लिए इस फॉर्म को भरना जरूरी कर दिया है। फॉर्म 2 दूसरा सबसे बड़ा फॉर्म है, जिसका टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइल करने के लिए प्रयोग करते हैं।
इन लोगों को भरना होगा आईटीआर-2
यह फॉर्म उन लोगों को भरना होगा जो व्यक्तिगत तौर पर रिटर्न फाइल करते हैं। इसके साथ ही हिन्दू अविभाजित परिवार और एनआरआई को भी यह फॉर्म फाइल करना होगा। इस फॉर्म में केवल प्रॉफिट या फिर बिजनेस अथवा प्रोफेशन से होने वाले लाभ का जिक्र नहीं करना होगा। इस फॉर्म में एक घर के अलावा अन्य घर से होने वाली इनकम, कैपिटल गेंस, सैलरी के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
इससे पहले जारी किया था आईटीआर -1
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कर निर्धारण वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न का नया फॉर्म जारी कर दिया है। नए फॉर्म में वेतनभोगी करदाताओं को वेतन के अलग-अलग ब्योरे के साथ ही कारोबारियों को जीएसटी नंबर और टर्नओवर भी बताना होगा।
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जारी हो चुकें हैं 8 आईटीआर फॉर्म
आयकर विभाग अब तक आईटीआर के आठ फॉर्म को जारी कर चुका है। यह हैं आईटीआर 3, आईटीआर 4, आईटीआर 4S (सुगम), आईटीआर 5, आईटीआर 6 और आईटीआर 7। गौरतलब है कि आईटीआर 5.6 और7 कंपनियों के रिटर्न दाखिल करने के लिए है। वहीं पहले 5 आईटीआर व्यक्तिगत व अविभाजित हिंदु परिवारों के लिए लागू है। इसमें भी आईटीआर 1 और आईटीआर 2 बेहद जरूरी रिटर्न फॉर्म हैं।
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इन लोगों को भरना होगा आईटीआर-2
यह फॉर्म उन लोगों को भरना होगा जो व्यक्तिगत तौर पर रिटर्न फाइल करते हैं। इसके साथ ही हिन्दू अविभाजित परिवार और एनआरआई को भी यह फॉर्म फाइल करना होगा। इस फॉर्म में केवल प्रॉफिट या फिर बिजनेस अथवा प्रोफेशन से होने वाले लाभ का जिक्र नहीं करना होगा। इस फॉर्म में एक घर के अलावा अन्य घर से होने वाली इनकम, कैपिटल गेंस, सैलरी के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
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इससे पहले जारी किया था आईटीआर -1
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कर निर्धारण वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न का नया फॉर्म जारी कर दिया है। नए फॉर्म में वेतनभोगी करदाताओं को वेतन के अलग-अलग ब्योरे के साथ ही कारोबारियों को जीएसटी नंबर और टर्नओवर भी बताना होगा।
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जारी हो चुकें हैं 8 आईटीआर फॉर्म
आयकर विभाग अब तक आईटीआर के आठ फॉर्म को जारी कर चुका है। यह हैं आईटीआर 3, आईटीआर 4, आईटीआर 4S (सुगम), आईटीआर 5, आईटीआर 6 और आईटीआर 7। गौरतलब है कि आईटीआर 5.6 और7 कंपनियों के रिटर्न दाखिल करने के लिए है। वहीं पहले 5 आईटीआर व्यक्तिगत व अविभाजित हिंदु परिवारों के लिए लागू है। इसमें भी आईटीआर 1 और आईटीआर 2 बेहद जरूरी रिटर्न फॉर्म हैं।
ऑनलाइन ही करना होगा फाइल
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सीबीडीटी का कहना है कि नए फॉर्म में कुछ स्थानों को तर्कसंगत बनाया गया है, हालांकि आईटीआर दाखिल करने में पिछले साल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं किया गया है। बोर्ड का कहना है कि कुछ श्रेणी के करदाताओं को छोड़कर सभी सात आईटीआर को डिजिटली दाखिल करना होगा।
इस बार केवल सिंगल पेज का फॉर्म
सीबीडीटी ने इस बार केवल सिंगल पेज का रिटर्न फॉर्म जारी किया है। इस पेज को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है और वहां से डाउनलोड भी किया जा सकता है। फार्म का प्रिंटआउट लेने की जरुरत नहीं है। आयकर दाताओं को केवल इसको लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप पर भरकर इसे बाद में सबमिट करना होगा।
नकद जमा का कालम हटाया गया
असेसमेंट ईयर 2017-18 में विशेष अवधि के दौरान नकद जमा कराने के संबंध में जानकारी माँगी गई थी, लेकिन असेसमेंट ईयर 2018-19 के फॉर्म में इस कॉलम को हटा दिया गया है। विभाग के अनुसार करीब तीन करोड़ आयकरदाता इस एक पेज के सहज फॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
इसका उपयोग ऐसे आयकरदाता कर सकते हैं, जिनका वेतन, एक आवासीय संपत्ति/ब्याज सहित अन्य मद से 50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय है। फॉर्म 16 में दिए गए वेतन तथा आवासीय संपत्ति का विवरण इसमें देना होगा।
इस बार केवल सिंगल पेज का फॉर्म
सीबीडीटी ने इस बार केवल सिंगल पेज का रिटर्न फॉर्म जारी किया है। इस पेज को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर देखा जा सकता है और वहां से डाउनलोड भी किया जा सकता है। फार्म का प्रिंटआउट लेने की जरुरत नहीं है। आयकर दाताओं को केवल इसको लैपटॉप या फिर डेस्कटॉप पर भरकर इसे बाद में सबमिट करना होगा।
नकद जमा का कालम हटाया गया
असेसमेंट ईयर 2017-18 में विशेष अवधि के दौरान नकद जमा कराने के संबंध में जानकारी माँगी गई थी, लेकिन असेसमेंट ईयर 2018-19 के फॉर्म में इस कॉलम को हटा दिया गया है। विभाग के अनुसार करीब तीन करोड़ आयकरदाता इस एक पेज के सहज फॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
इसका उपयोग ऐसे आयकरदाता कर सकते हैं, जिनका वेतन, एक आवासीय संपत्ति/ब्याज सहित अन्य मद से 50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय है। फॉर्म 16 में दिए गए वेतन तथा आवासीय संपत्ति का विवरण इसमें देना होगा।