मकान के संयुक्त मालिक सरल फॉर्म से भर सकेंगे रिटर्न, सीबीडीटी ने पलटा आदेश
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आयकर विभाग ने अपने एक हफ्ते पहले के आदेश को पलटते हुए बृहस्पतिवार को एक संपत्ति का संयुक्त रूप से मालिकाना हक रखने वालों को सरल फॉर्म-1 (सहज) या फॉर्म-4 (सुगम) का इस्तेमाल करते हुए आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने की अनुमति दे दी है।
इससे पहले 3 जनवरी को जारी आदेश में मकान का संयुक्त स्वामित्व रखने वाले, एक साल में एक लाख रुपये का बिजली का बिल भरने वाले या विदेश यात्रा पर दो लाख रुपये खर्च करने वाले व्यक्तिगत आयकरदाताओं पर सरल रिटर्न फॉर्म से अपना सालाना आईटीआर भरने पर रोक लगा दी थी।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा, ‘अधिसूचना के बाद यह चिंताएं सामने आईं कि इससे व्यक्तिगत करदाताओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।’ इसलिए विभाग ने इसमें बदलाव करने का फैसला किया। अब मकान के संयुक्त मालिक आईटीआर-1 या आईटीआर-4 का इस्तेमाल करते हुए रिटर्न भर सकते हैं। विभाग ने कहा, ‘अधिनियम की धारा 139 (1) के सातवें प्रावधान में उल्लिखित एक या ज्यादा शर्तों के कारण रिटर्न भरने वालों को भी आईटीआर-1 भरने की अनुमति दे दी गई है।’
पहले जारी किया था ये नियम
इससे पहले आयकर विभाग ने रिटर्न फॉर्म जारी करते वक्त बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए करदाताओं से कई नई तरह की जानकारियां मांगी थीं। आयकर विभाग अमूमन किसी आकलन वर्ष का आईटीआर फॉर्म अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी करता है।
करदाताओं की मांग पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बार चार महीने पहले जनवरी की शुरुआत में ही दो फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। विभाग ने अभी आकलन वर्ष 2020-21 के लिए आईटीआर फॉर्म-1 सरल और आईटीआर-4 सहज फॉर्म को नोटिफाई किया है। अन्य फॉर्म भी जल्द करदाताओं के सामने आ जाएंगे। हालांकि, इन्हें अभी एक्विेट नहीं किया गया है।
देना होगा पासपोर्ट नंबर
आयकर विभाग ने आगामी आकलन वर्ष से जिन करदाताओं के पास पासपोर्ट है, उनके लिए रिटर्न फॉर्म में इसकी जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के अलावा आने वाले सभी रिटर्न फॉर्म पर भी लागू होंगे।
विदेश यात्रा का विवरण
अगर किसी करदाता ने वित्त वर्ष 2019-20 में परिवार के साथ विदेश यात्रा की है, तो उसे रिटर्न में ज्यादा जानकारियां देनी होंगी। इस यात्रा में अगर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च आता है तो करदाता आईटीआर-1 फॉर्म नहीं भर सकेंगे। अगर ये करदाता आईटीआर-4 के दायरे में आते हैं, तो इन्हें खर्च की गई राशि का खुलासा करना होगा।
ज्यादा बिजली खपत का खुलासा
वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान किसी करदाता ने बिजली बिल पर 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं, तो वह आईटीआर-1 दाखिल नहीं कर सकेगा। ऐसे करदाता को आईटीआर फॉर्म-4 का इस्तेमाल करना होगा और उन्हें बिजली बिल पर खर्च राशि की जानकारी भी देनी होगी।
1 करोड़ से ज्यादा जमा पर सहज फॉर्म
आयकर विभाग के मुताबिक, किसी करदाता ने 2019-20 में किसी एक या ज्यादा बैंकों के चालू खाते में 1 करोड़ से ज्यादा राशि जमा की है, तो उन्हें भी आईटीआर फॉर्म-4 यानी सहज चुनना होगा। साथ ही वित्त वर्ष के दौरान जमा की गई कुल राशि का भी खुलासा करना होगा।