Budget 2020: आपके लिए कौन सा टैक्स स्लैब है फायदेमंद, पुराना या नया?
आम करदाताओं की सुविधा के लिए वित्त मंत्री ने नए आयकर स्लैब की घोषणा की है। इसके मुताबिक अगर कोई करदाता नए स्लैब के हिसाब से अपना रिटर्न फाइल करेगा तो उसको काफी नुकसान होगा। हालांकि अगर करदाता छूट के विकल्पों जैसे कि सेक्शन 80सी, 80डी, 80जी और 80ई, एलआईसी, मेडिक्लेम, एचआरए, होम लोन का ब्याज व स्टैण्डर्ड डिडक्शन का इस्तेमाल करेगा तो फिर उसे पुराने टैक्स स्लैब में फायदा होगा।
वित्त मंत्री ने आयकर कानून में 110 संशोधन और 100 में से 70 से अधिक प्रावधानों को हटा दिया है। सरकार ने नए स्लैब में सीधे-सीधे दो डिडक्शन जो दो लाख रुपये के थे, उनको खत्म कर दिया है। इनमें सेक्शन 80सी के तहत 1.50 लाख रुपये की छूट और स्टैण्डर्ड डिडक्शन के तौर पर 50 हजार रुपये शामिल हैं। इसके अलावा भी अन्य कई डिडक्शन हैं, जिनको नए स्लैब में हटाया गया है।
आयकर का यह है पुराना स्लैब
| टैक्स रेट | सामान्य नागरिक | वरिष्ठ नागरिक(60-80 साल ) | अति वरिष्ठ नागरिक(80 से अधिक) |
| 0% | ढाई लाख रुपये तक | 3 लाख रुपये तक | 5 लाख रुपये तक |
| 5% | 2,50,001 से 5,00,000 | 3,00,001 से 5,00,000 | शून्य |
| 20% | 5,00,001 से 10 लाख | 5,00,001 से 10 लाख | 5,00,001 से 10 लाख |
| 30% | 10 लाख से अधिक | 10 लाख से अधिक | 10 लाख से अधिक |
अब इतना होगा पुराने स्लैब में फायदा
| आठ लाख की आय | 10 लाख की आय | 12 लाख की आय | 16 लाख की आय | 20 लाख की आय | |
| सैलरी व अन्य स्त्रोत से हुई आय | 8 लाख | 10 लाख | 12 लाख | 16 लाख | 20 लाख |
| Less :स्टैण्डर्ड डिडक्शन u/s 16(i) | 50 हजार | 50 हजार | 50 हजार | 50 हजार | 50 हजार |
| ग्रॉस टैक्सेबल आय(A) | 7,50,000 | 9,50,000 | 11,50,000 | 15,50,000 | 19,50,000 |
| Less: आयकर के हिसाब से डिडक्शन | |||||
| सेक्शन 80सी | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 |
| सेक्शन 80डी | 25,000 | 25,000 | 25,000 | 25,000 | 25,000 |
| सेक्शन 24 (होम लोन पर ब्याज) | 2,00,000 | 2,00,000 | 2,00,000 | 2,00,000 | 2,00,000 |
| सेक्शन 80ईईए | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 |
| सेक्शन 80ईईबी | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 | 1,50,000 |
| कुल डिडक्शन (B) | 6,75,000 | 6,75,000 | 6,75,000 | 6,75,000 | 6,75,000 |
| कुल आय (A-B) | 75,000 | 2,75,000 | 4,75,000 | 8,75,000 | 12,75,000 |
| टैक्स | - | 1,250 | 11,250 | 87,500 | 1,95,000 |
| Less : सेक्शन 87A के तहत रिबेट | - | 1,250 | 11,250 | - | - |
| नेट टैक्स | - | - | - | 87,500 | 1,95,000 |
| Add: शिक्षा सेस @ 4% | - | - | - | 3,500 | 7,800 |
| कुल टैक्स | - | - | - | 91,000 | 2,02,800 |
| * Inserted by Finance (No. 2) Bill, 2019 | |||||
| कुल बचत | - | 28,600 | 70,200 | 80,600 | 93,600 |
यह होगा अगले वित्त वर्ष से नया अतिरिक्त स्लैब

करदाताओं के लिए अच्छा बजट, क्रय शक्ति में होगी वृद्धि
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किए बजट से करदाताओं को बड़ी राहत मिली है। इससे जहां एक तरफ अर्थव्यवस्था में तेजी देखने को मिलेगी वहीं मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति में वृद्धि होने की उम्मीद है।
हालांकि टैक्स की यह नई दरें जो वित्त मंत्री ने घोषित की हैं, वो वैकल्पिक हैं। अगर कोई करदाता चाहे तो पुरानी दरों से भी अपना रिटर्न फाइल कर सकता है। नई दरों से करदाताओं को कोई छूट नहीं मिलेगी। यह टैक्स के सरलीकरण की तरफ एक अच्छा कदम है। टैक्सपेयर चार्टर करदाताओं में विश्वास बढ़ाने के लिए एक अच्छा कदम है। डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स हटाना कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए राहत भरा कदम है।
विवाद से विश्वास स्कीम से टैक्स विवादों में कमी आएगी। इसके अतिरिक्त फेसलेस अपील भी एक स्वागतयोग्य है।