आईटीआर की फर्जी वेबसाइट से हो जाएं सावधान, मिनटों में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
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जुलाई और अगस्त का महीना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों के लिए जरूरी होता है। इस वक्त करदाताओं को ई-मेल और मोबाइल मैसेज के जरिए फर्जी एसएमएस भेजकर इंटरनेट पर धोखे से शिकार बनाने वाले भी ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में करदाताओं का खाता मिनटों में खाली हो सकता है। आयकर विभाग ने करदाताओं को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वो रिटर्न फाइल करने की मिलती-जुलती नाम वाली वेबसाइट से बचकर रहें।
रिटर्न की आखिरी तारीख
साइबर सिक्योरिटी एजेंसी सीईआरटी-इन ने लोगों को धोखा देने वाले फर्जी मैसेज से बचने की सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि आयकर विभाग के नाम पर लोगों को लुभाने वाले ऐसे मैसेज में कहा जाता है कि आपके रिफंड को मंजूरी मिल मिल गई है। लेकिन इस बहाने लोगों से मांगी गई निजी जानकारी को गलत हाथों में बेच दिया जाता है।
यह चेतावनी और एक तरह से एडवायजरी ऐसे समय में जारी की जा रही है जब आयकर रिटर्न भरने की आपाधापी मची हुई है। हालांकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर भरने की समय सीमा 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। हाल ही में कुछ लोगों ने रिफंड दिलाने वाले मैसेज का जिक्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया था।
शार्ट यूआरएल खतरनाक
कंप्यूटर सुरक्षा मामलों के प्रति जवाबदेह इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) ने कहा कि जैसे ही कोई व्यक्ति इस तरह के मैसेज पर क्लिक करता है, वह गलत हाथों में निजी जानकारी के बेचे जाने के खतरे में पड़ जाता है। इस एडवायजरी में बताया गया है कि इस तरह के फर्जी एसएमएस की ऐसे पहचान की जा सकती है। अमूमन ऐसे एसएमएस bit.ly, goo.gl, ow.ly और t.co जैसे यूआरएल से भेजे जाते हैं।
ऐसे होती है ठगी
एजेंसी के मुताबिक, एसएमएस में कहा जाता है कि आयकर विभाग ने इतनी निश्चित राशि आपको रिफंड करने की मंजूरी दी है और जल्द ही आपके बैंक खाते में यह राशि पहुंच जाएगी। इसमें आपका बैंक खाता नंबर गलत लिखा रहता है।
मैसेज में यह भी कहा जाता है कि आप अपना बैंक खाता नंबर जांच लें और यदि यह गलत है तो नीचे दिए गए लिंक पर अपना बैंक रिकॉर्ड अपडेट कर लें। इसमें bit.ly सबसे कुख्यात है। चूंकि मैसेज में गलत खाता नंबर रहता है इसलिए ग्राहक फंस जाते हैं और इस पर क्लिक करते ही आयकर विभाग की ई-फाइलिंग से मिलती-जुलती एक वेबसाइट खुल जाती है।
इसमें आपको अपना लॉग-इन आईडी तथा पासवर्ड डालने को कहा जाता है। इसके बाद ही साइबर अपराधी आपकी सभी संवेदनशील जानकारी चुराकर इसे गलत हाथों में बेच देते हैं। यहां तक कि आयकर विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज यूजर की जानकारी के साथ भी छेड़छाड़ की जा सकती है।
फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल
आयकर जमा करने वाले लोगों को ऐसे पते से ईमेल आते हैं जो काफी हद तक आयकर विभाग की तरह दिखता है। जिसमें लोगों से उनकी नेटबैंकिंग का विवरण देने के लिए कहा जा रहा है ताकि उन्हें रिफंड राशि मिल सके। धोखाधड़ी करने वालों का ईमेल का अड्रेस है- donotreply@incometaxindiafilling.gov.in जबकि असली ईमेल अड्रेस donotreply@incometaxindiaefiling.gov.in है। धोखाधड़ी वालों के अड्रेस से 'ई' गायब है और फाइलिंग भी गलत तरीके से लिखा हुआ है।
यह मेल हैकर्स भेज रहे हैं। जैसे ही आप इस मेल पर क्लिक करेंगे वह सीधा आपको नेटबैंकिंग पेज पर ले जाएगा और आपने जैसे ही अपनी नेटबैंकिंग साइट को लॉग इन किया, आपका बैंक अकाउंट हैक हो जाएगा। ध्यान रखिए, आयकर विभाग आपको मिलने वाले रिफंड की जानकारी बकायदा नोटिस भेजकर देगा।'
न करें ये काम
ईमेल पर अकाउंट नंबर, पैन और अन्य गोपनीय जानकारी न दें। रिटर्न भरने और रिफंड प्रोसेस का एसएमएस आयकर विभाग भेजा जाता है। हैकर एसएमएस में भी लिंक भेजकर जानकारी मांगते हैं। इस मैसेज में रिफंड का अमाउंट भी लिखा होता है। विभाग के वाले मैसेज में रिफंड अमाउंट नहीं लिखा जाता। जब आप इस लिंक पर क्लिक करते है तो बैंक डिटेल्स डालने वाले ऑप्शन के अलावा इस साइट में कोई कुछ नहीं खुलता। आयकर विभाग पैन, आधार नंबर, खाता संख्या, मोबाइल नंबर, पासवर्ड नहीं मांगता है।
वेबसाइट से पुष्टि करें
जब भी विभाग की वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in या www.incometaxindiaefiling.gov.in खोलते हैं तो सबसे पहले फर्जी ईमेल से सावधान करने की सूचना दिखाई देती है। आयकर विभाग से मिलती जुलती-वेबसाइट के जरिये यदि कोई ईमेल या एसएमएस रिफंड देने के लिए आता है तो सावधान हो जाइए। इस तरह के ईमेल में उपभोक्ता से पैन, आधार नंबर, खाता, मोबाइल नंबर और जन्म तिथि के साथ यूजर आईडी और पासवर्ड मांगी जाती है।