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अच्छी संभावना वाले क्वालिटी स्टॉक पर लगाएं दांव
Mon, 07 Jan 2013 12:21 PM IST
एके प्रभाकर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (इक्विटी रिसर्च आनंद राठी सिक्यो.)
एके प्रभाकर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (इक्विटी रिसर्च आनंद राठी सिक्यो.)
Updated Mon, 07 Jan 2013 12:21 PM IST
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साल 2013 में रिटर्न के लिहाज से इक्विटी बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद है। यह साल शेयरों में निवेश करने के लिए माकूल है। आम निवेशकों को यही सलाह होगी कि वे क्वालिटी स्टॉक खरीदें, जिनमें 3-4 साल में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हों। केवल इसलिए किसी शेयर को न खरीदें कि उसमें हाल में 80 फीसदी तक गिरावट आई है या उसके भाव 50 या 100 रुपये से कम हैं।
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इस समय दुनिया भर में ब्याज दरें निचले स्तर पर हैं, इसलिए घरेलू मार्केट में एफआईआई का निवेश बहुत अधिक रहेगा। निवेशकों को ऐसे शेयरों पर दांव लगाना चाहिए, जो कि हर साल उन्हें 20-25 फीसदी रिटर्न दिला सकें। जहां तक सेंसेक्स और निफ्टी की बात है तो 2013 में यह अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचेंगे, क्योंकि सेंसेक्स और निफ्टी 2008 में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे। उसको अब 6 साल का वक्त बीत चुका है।
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नए निवेशक मौजूदा स्तरों पर भी बाजार में एंट्री कर सकते हैं, बशर्ते वे अच्छे स्टॉक खरीदें। जहां तक किसी निवेशक के एसेट एलोकेशन की बात है तो चूंकि इंटरेस्ट रेट में आगे कमी आएगी, ऐसे में किसी निवेशक के पोर्टफोलियो में 30-40 फीसदी इक्विटी एलोकेशन होना चाहिए। किसी खास सेक्टर पर फोकस करने की बजाय निवेशकों को डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो पर फोकस करना चाहिए।
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बाजार के मौजूदा स्तरों पर भी निवेशक लॉर्ज कैप शेयरों पर फोकस कर अच्छा रिटर्न बना सकते हैं। वहीं, क्वालिटी मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों से भी अच्छा खासा रिटर्न हासिल किया जा सकता है। 2014 में आम चुनाव के चलते बाजार की तेजी थोड़ी बहुत सुस्त पड़ सकती है। वहीं,यूरोपियन यूनियन और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के सामने कारोबारी सुस्ती के अलावा कई बड़ी चुनौतियां हैं।
यूरोप और अमेरिका का संकट कुछ समय के लिए तो टल गया है, लेकिन कभी भी इसकी वापसी हो सकती है। भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुधार की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। निकट भविष्य में राजकोषीय घाटा घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।