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आरबीआई ने दिया तोहफा, बेसिक खाताधारकों को भी मिलेगी चेकबुक की सुविधा

Mon, 10 Jun 2019 08:58 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 10 Jun 2019 08:58 PM IST
सार

  • 1 जुलाई 2019 से लागू हो जाएगा आरबीआई का नया नियम
  • 1 हजार से पांच हजार का न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी है सामान्य बचत खाते में 
  • आरबीआई ने बीएसबीडी खाते के नियमों में दी ढील, बैंकों को ग्राहकों तक सुविधा पहुंचाने का निर्देश

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basic saving bank account holders will get facility of chequebook from july 1

विस्तार

रिजर्व बैंक ने बेसिक बचत एवं जमा (बीएसबीडी) खातों से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए खाताधारकों को कई सुविधाओं का तोहफा दिया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को नए नियम जारी कर कहा कि बेसिक खाताधारक भी अब चेकबुक ले सकेंगे। साथ ही बैंक उन्हें मिनिमम बैलेंस रखने के लिए भी बाध्य नहीं कर सकेंगे और महीने में कम से कम चार बार धन निकासी की सुविधा मिलेगी। 

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आरबीआई ने सभी बैंकों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि नियमों में छूट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। अभी तक इन खाताधारकों के चेकबुक जैसी अतिरिक्त सुविधा लेने पर बेसिक बचत खाता सामान्य खाते में बदल जाता है और उपभोक्ता को मिनिमम बैलेंस रखने के साथ अन्य तरह के चार्ज का भुगतान करना पड़ता है।
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आरबीआई ने बैंकों को जारी निर्देश में स्पष्ट कहा है कि इन खाताधारकों को अब कुछ निश्चित सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा बैंक अब बिना कोई शुल्क लिए खाताधारक को चेकबुक उपलब्ध करा सकते हैं और उन्हें मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता भी नहीं रहेगी।
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इन खाताधारकों को महीने में चार बार बिना शुल्क धन निकासी की सुविधा मिलेगी, जिसमें एटीएम से निकासी भी शामिल होगी। हालांकि, जमा करने की कोई सीमा नहीं रखी गई है।

एनपीए के नए नियम से समाधान में आएगी तेजी

बैड लोन की देखरेख को बनाई गई सशक्त समिति का कहना है कि एनपीए पर आरबीआई के नए नियमों से फंसी संपत्तियों की समाधान प्रक्रिया में तेजी आएगी। समिति के प्रमुख और पीएनबी के गैर कार्यकारी चेयरमैन सुनील मेहता ने कहा कि कर्जदाताओं के बीच समझौते की जरूरत के जरिये आरबीआई ने वित्तीय संस्थानों को आईबीसी से बाहर समाधान की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि बैंकों को एनपीए घोषित करने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाना व्यवहारिक और सही कदम है। इसमें सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखा गया है।

बैंकों को होगी आसानी : एसबीआई

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि आरबीआई का नया मसौदा बैंकों की अगुवाई में समाधान की रूपरेखा पर जोर देता है। नए नियमों के तहत फंसी संपत्तियों के मामले तेजी से निपटाए जा सकेंगे। इसमें संशोधित मतदान प्रक्रिया को शामिल किए जाने से सभी बैंकों, एनबीएफसी और एआरसी को अंतर लेनदार समझौते (आईसीए) में जुड़ना जरूरी होगा।

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