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रेपो रेट में कटौती के बाद इतना सस्ता होगा होम लोन, होगी एक लाख से ज्यादा की बचत

Thu, 07 Feb 2019 06:50 PM IST
Prabudhh Jain बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: Prabudhh Jain Updated Thu, 07 Feb 2019 06:50 PM IST
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after cut in repo rate your home loan will become cheaper by more than 1 lakh rupees
home loan
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती करने के बाद 20 लाख रुपये के होम लोन पर सीधे-सीधे एक लाख से ज्यादा की बचत होगी। इसके साथ ही हर महीने ईएमआई पर में भी मामूली कमी आएगी। 
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होम लोन पर इतनी सस्ती होगी ईएमआई

 
20 लाख का लोन कटौती से पहले   कटौती के बाद    
राशि    20 लाख रुपये  20 लाख रुपये
ब्याज    9 फीसदी 8.75 फीसदी
अवधि  25 साल  25 साल
ईएमआई(रु. में) 16,784 16,443
कुल ब्याज भुगतान 30,35,178  29,32,862
कुल राशि 50,35,178  49,32,862
कुल बचत 00.00 रुपये 1,02,316

(सोर्स--केडिया कमोडिटी)

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बैंकों पर निर्भर

हालांकि होम लोन के ब्याज में कितनी कटौती होगी यह पूरा का पूरा बैंकों पर निर्भर करेगा। हालांकि हमने आपकी सुविधा के लिए एक चार्ट तैयार किया है जिसकी मदद से आप समझ सकते हैं कि लोन कितना कम हो सकता है। 
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कर्ज लेना होगा सस्ता

आरबीआई के इस कदम से आम जनता को कर्ज लेना सस्ता पड़ेगा। इससे सभी तरह के कर्ज लेना शामिल हैं। 28 जनवरी को सरकारी बैंकों के साथ बैठक में शक्तिकांत दास ने इस बात के संकेत दिए थे। बैठक के बाद आर्थिक जगत ने उम्मीद जताई थी कि मुद्रास्फीति में नरमी को देखते हुए रिजर्व बैंक आगामी मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती कर सकता है। इससे पहले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दर बीते दिसंबर में घटकर 2.19 फीसदी पर आ गई है, जो कि डेढ़ साल का न्यूनतम स्तर है।

बैंकों को पीसीए से निकालना प्राथमिकता

एनपीए के बोझ तले दबे सरकारी बैंकों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। आरबीआई ने 11 सरकारी बैंकों को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के तहत रखा था जिन पर नए कर्ज बांटने और शाखाएं खोलने पर रोक लगा दी गई थी।

सरकार और आरबीआई की प्राथमिकता है कि इन बैंकों को जल्द से जल्द पीसीए से बाहर निकाला जाए। इसके लिए बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के साथ सरकार संकट में फंसे बैंकों को पूंजी भी उपलब्ध करा रही है और उम्मीद है कि जल्द चार-पांच बैंक पीसीए फ्रेमवर्क से बाहर आ जाएं।

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