{"_id":"5ece9bd4c6eaf96fef1a9110","slug":"patanjali-will-raise-rs-250-crore-from-ayurveda-debenture","type":"story","status":"publish","title_hn":"पतंजलि आयुर्वेद डिबेंचर से जुटाएगी 250 करोड़ रुपये","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
पतंजलि आयुर्वेद डिबेंचर से जुटाएगी 250 करोड़ रुपये
Wed, 27 May 2020 10:27 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Wed, 27 May 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
बाबा रामदेव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा रामदेव के नेतृत्व वाले पतंजलि आयुर्वेद ने डिबेंचर जारी कर 250 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी अपनी कार्यशील पूंजी जरूरतों और आपूति श्रृंखला नेटवर्क को मजबूत बनाने में इस राशि का इस्तेमाल करेगी।
विज्ञापन
उत्तराखंड के हरिद्धार स्थित इस कंपनी ने पहली बार डिबेंचर के जरिए पूंजी जुटाने का फैसला किया है। पतंजलि आयुर्वेद हाल के वर्षों में त्वरित उपभोग सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) प्रमुख कंपनी के तौर पर उभरी है।
विज्ञापन
कंपनी ने कहा है कि गैर- परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) की परिपक्वता अवधि तीन साल होगी और इस पर 10.10 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा। ये डिबेंचर 28 मई 2023 को परिपक्व होंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक डिबेंचर के लिए बोली 28 मई 2020 को शुरू होगी। डिबेंचर शेयर बाजार में सूचीबद्ध और विमोचनीय होंगे।
विज्ञापन
पतंजली आयुर्वेद के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला ने कहा, 'कोविड-19 महामारी के इस दौर में शारीरिक रोग- निरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक आयुर्वेद उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे हमारी आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है। विनिर्माण से लेकर वितरण तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है।'
उन्होंने कहा, 'इस आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए ही हम यह राशि जुटा रहे हैं, ताकि हम विनिर्माण से लेकर वितरण तक की पूरी श्रृंखला को सरल और बेहतर बना सकें।' कंपनी के डिबेंचर को ब्रिकवर्क ने 'एए' रेटिंग दी है।
पिछले साल दिसंबर में पतंजली आयुर्वेद ने दिवालिया हो चुकी रुचि सोया का 4,350 करोड़ रुपये में अधिग्रहण पूरा किया। दिवालिया प्रक्रिया में पतंजली ने सोया खाद्य ब्रांड न्यूट्रेला बनाने वाली इस कंपनी का अधिग्रहण किया।